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16-Dec-2025 11:11 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : सुपौल जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां सिमरही वार्ड संख्या-4 के 50 वर्षीय दशरथ साह ने शराब पीने से मना किए जाने पर खुद को जहर खिला लिया। घटना सोमवार की शाम करीब 6 बजे की है। जानकारी के अनुसार, दशरथ साह को उनके घरवालों ने शराब पीने से मना किया था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गए और उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद वे घर में ही लेट गए।
परिजनों ने जैसे ही दशरथ साह की हालत बिगड़ती देखी, उन्हें तत्काल इलाज के लिए रेफरल अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि इस दौरान परिजन उन्हें हायर सेंटर ले जाने के लिए तैयार नहीं थे, जिससे अस्पताल कर्मियों को पुलिस को सूचना देनी पड़ी। पुलिस की मदद से दशरथ साह को तुरंत एम्बुलेंस में डालकर हायर सेंटर भेजा गया।
दशरथ साह की बहू संगीता देवी ने बताया कि उनके ससुर अक्सर शराब पीकर घर में हंगामा करते रहते थे। जब उन्हें शराब पीने से मना किया जाता था, तो वे गुस्से में आकर मारपीट करने लगते थे। संगीता देवी ने बताया कि सोमवार को भी दशरथ साह ने शराब पी थी और इसके बाद उन्होंने कोई दवा भी खा ली, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। “हमने उन्हें मना किया, लेकिन उन्होंने जहर खा लिया और बेहोशी की स्थिति में सो गए। हमें डर था कि उनकी जान को खतरा है, इसलिए तुरंत अस्पताल लाया गया,” संगीता देवी ने कहा।
रेफरल अस्पताल राघोपुर के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दशरथ साह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जहरीले पदार्थ का सेवन करने के कारण उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी की जरूरत है।
हालांकि परिजन शुरू में हायर सेंटर ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। राघोपुर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल अस्पताल पहुंची और परिजनों को समझाकर मरीज को एम्बुलेंस में डालकर हायर सेंटर भेजा। उन्होंने कहा कि मामले की निगरानी की जा रही है और मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सुपौल जिले में यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। यह घटना इस बात की ओर भी संकेत देती है कि शराब की लत और घरेलू विवाद किस हद तक गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी परिवार में शराब के कारण तनाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद ली जाए।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शराब की लत और घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते चेतावनी और सहायता मिलनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति ऐसी कठिन परिस्थितियों में अपनी जान का जोखिम न उठाए।
इस घटना से यह भी सामने आया कि जब मरीज की जान को खतरा हो, तो अस्पताल और पुलिस का त्वरित हस्तक्षेप जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर दशरथ साह को समय पर हायर सेंटर भेजा, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा टल सका।
इस पूरी घटना ने स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और परिवारों को यह संदेश दिया है कि शराब की लत और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही, पारिवारिक सहयोग और समय पर चिकित्सकीय सहायता जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सुपौल के रेफरल अस्पताल और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से यह उदाहरण सामने आया है कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय और सहयोग से गंभीर स्थिति को संभाला जा सकता है। अभी दशरथ साह की स्थिति नाजुक बताई जा रही है, और उन्हें हायर सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति में मानसिक तनाव या शराब की लत के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत सहायता लें और समय पर चिकित्सकीय मदद प्राप्त करें। इस घटना ने यह भी साफ किया है कि शराब की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।