ब्रेकिंग न्यूज़

Viral Video: बिहार में बर्थडे पार्टी बनी विवाद का कारण, मुखिया और चौकीदार का मंच पर डांस करते वीडियो वायरल BPSC TRE-4 2026 : TRE-4 में भरना है फॉर्म तो जरूर कर लें यह काम वरना फिर नहीं मिलेगा कोई मौका, BPSC ने जारी किया आदेश; ध्यान से पढ़ लें ... Love Story: 72 की उम्र में फिर धड़का ‘लव गुरु’ का दिल! जूली के बाद अब ‘जानू’ की एंट्री, कहा तुम प्यास जगा सकती हो... लॉरेंस बिश्नोई गैंग की लेडी डॉन नेहा गिरफ्तार, ‘मैडम जहर’ के नाम से है मशहूर, बॉयफ्रेंड बॉबी कबूतर के साथ करती थी यह काम लॉरेंस बिश्नोई गैंग की लेडी डॉन नेहा गिरफ्तार, ‘मैडम जहर’ के नाम से है मशहूर, बॉयफ्रेंड बॉबी कबूतर के साथ करती थी यह काम Annual FASTag Toll Pass : वार्षिक फास्टैग टोल पास 2026: कैसे बनाएं, कितने ट्रिप फ्री, और किस टोल पर चलेगा सामाजिक समरसता के दुश्मन: शख्स ने UGC कानून के बहाने सवर्ण समाज की एक जाति विशेष पर अपशब्दों की कर दी बौछार.., शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज किया केस ‘घूसखोर पंडित’ के बाद ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर मचा बवाल: सड़कों पर उतरे युवा, जानें क्या है वजह Crime News: दर्जनभर से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी, ईमेल के जरिए भेजा गया अलर्ट; पुलिस और बम निरोधक टीम का सर्च ऑपरेशन जारी Crime News: दर्जनभर से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी, ईमेल के जरिए भेजा गया अलर्ट; पुलिस और बम निरोधक टीम का सर्च ऑपरेशन जारी

Bihar News: बड़ी जालिम है शराब...सीनियर नप गए और जूनियर बच गए ! एक्साइज सुपरिटेंडेंट पर एक्शन और इंस्पेक्टर पर मेहरबानी के क्या हैं मायने ? जांच रिपोर्ट से दोनों अफसरों की खुली थी पोल..

सिवान के उत्पाद अधीक्षक शशांक को शिकायत के बाद हटाकर मुजफ्फरपुर ग्रुप सेंटर भेज दिया गया, जबकि उसी जांच रिपोर्ट में नामित इंस्पेक्टर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग के अंदर सीनियर-जूनियर को लेकर दोहरे मापदंड की चर्चा तेज है।

Bihar News, शराबबंदी, सिवान उत्पाद अधीक्षक, मद्य निषेध विभाग, शशांक ट्रांसफर, रूपेश कुमार इंस्पेक्टर, बिहार तबादला 2026, उत्पाद विभाग कार्रवाई, शराब माफिया, बिहार प्रशासन

19-Feb-2026 12:18 PM

By Viveka Nand

Bihar News: बिहार में कहने को शराबबंदी है. जिनके कंधों पर शराबबंदी कानून सफल करने की जिम्मेदारी है वे ही असफल करने में जुटे हैं. ऐसा लग रहा है कि अब सरकार को भी शराबबंदी से कोई मतलब नहीं. लिहाजा अफसर बेलगाम हो गए हैं. अफसरों ने शराबबंदी कानून को कमाई का जरिया बना लिया है. सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाई होती है, बाकी कुछ नहीं. हद तो तब जब एक ही रिपोर्ट में दो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है, विभाग सीनियर पर कार्रवाई भी करता है और जूनियर को बचा लिया जाता है. यह खेल उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में हो रहा है. 

सात माह में ही हटाए गए सिवान के उत्पाद अधीक्षक 

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 2 फरवरी 2026 को अधिकारियों के तबादला का एक पत्र जारी किया . जिसमें अधीक्षक स्तर के तीन अधिकारियों का स्थानांतरण-पदस्थापन किया गया था. एक अधिकारी को हटाने के लिए तीन को इधर-उधऱ किया गया . जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध विभाग को सिवान के अधीक्षक शशांक के खिलाफ शिकायत मिली थी. इन पर शराबबंदी को सफल बनाने में विफल रहने, शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे, समेत अन्य आरोप थे. न सिर्फ अधीक्षक बल्कि सिवान सदर उत्पाद थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष ( उत्पाद इंस्पेक्टर) के खिलाफ भी इसी आरोप में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को रिपोर्ट किय़ा गया था. सहायक आयुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी, जिसमें सिवान के अधीक्षक और इंस्पेक्टर पर गंभीर लगे थे.

फील्ड से हटाकर ग्रुप सेंटर भेज दिया गया 

शिकायत मिलने के बाद उत्पाद विभाग ने जून 2025 में सिवान उत्पाद अधीक्षक के पद पर पदस्थापित शशांक को हटा दिया. 2 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार सिवान के अधीक्षक शशांक को फील्ड से हटाकर ग्रुप सेंटर मुजफ्फरपुर का अधीक्षक बना दिया गया. चूंकि सिवान खाली हो गया, लिहाजा मधेपुरा के अधीक्षक बिपिन कुमार को सिवान अधीक्षक के तौर पर पदस्थापित किया गया. वहीं मधेपुरा अधीक्षक के पद पर मुजफ्फऱपुर ग्रुप सेंटर में पदस्थापित दुर्गेश कुमार को पदस्थापित किया गया है. 

सीनियर नप गए और जूनियर बच गए

मद्य निषेध विभाग ने सिवान के अधीक्षक शशांक को अल्प समय में हटाकर ग्रुप सेंटर भेज दिया. जबकि सिवान के दूसरे अधिकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जबकि दोनों पर समान आरोप थे. एक ही जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभाग को जानकारी दी गई थी. उसी रिपोर्ट पर सीनियर यानि उत्पाद अधीक्षक शशांक पर कार्रवाई हो गई, पर इंस्पेक्टर आज भी सिवान में ही पदस्थापित हैं. इस तरह से सीनियर नप गए और जुनियर बच गए. विभाग के अंंदर भी यह चर्चा हो रही है कि यहां सीनियर-जूनियर से मतलब नहीं. जिसकी सेटिंग है वही सीनियर है, जिसकी पकड़ नहीं वो नप जाएंगे. सिवान मामले में भी ऐसा ही हुआ.