ब्रेकिंग न्यूज़

PMAY-G के तहत बिहार में गरीबों को जल्द मिलेगा पक्का घर, 1.04 करोड़ परिवार वेटिंग लिस्ट में शामिल PMAY-G के तहत बिहार में गरीबों को जल्द मिलेगा पक्का घर, 1.04 करोड़ परिवार वेटिंग लिस्ट में शामिल Success Story: दो सगे भाई, एक सपना… पहले ही प्रयास में दोनों ने फतह किया UP PCS, जानिए इनकी सफलता की कहानी नीतीश ने MLC से दिया इस्तीफा तो मांझी बोले..“तहरा जईसन केहू नईखें” Bihar Crime News: महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, पड़ोसी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप Bihar Crime News: महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, पड़ोसी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप बेगूसराय में दिनदहाड़े वॉलीबॉल खिलाड़ी को मारी गोली, हालत गंभीर Bihar News: खंभे पर चढ़े थे बिजली ठीक करने… अचानक दौड़ा करंट, वार्ड सदस्य की दर्दनाक मौत नीतीश कुमार के इस्तीफे पर संतोष सुमन का बयान, बोले- बिहार को मिलेगा सर्वसमावेशी नया मुख्यमंत्री ‘JDU से सीएम नहीं बनाया तो NDA की दुर्गति तय’, नीतीश कुमार के इस्तीफे पर बोले पप्पू यादव

Home / bihar / सीतामढ़ी में अर्थी से उठा मृत बच्चा, परिजनों का डॉक्टर्स पर गंभीर आरोप

सीतामढ़ी में अर्थी से उठा मृत बच्चा, परिजनों का डॉक्टर्स पर गंभीर आरोप

29-Oct-2022 11:23 AM

SITAMARHI: बिहार के सीतामढ़ी जिले से अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक मृत नवजात अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी से उठ गया। इस घटना के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वहीं, नवजात के परिजनों का गुस्सा इतना फूट उठा कि उन्होंने डुमरा पीएचसी के डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया।  



घटना शुक्रवार देर रात की है। घटना से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक़ सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के भिषा गांव के रहने वाले अमित कुमार की पत्नी सरस्वती देवी को प्रसव के लिए डुमरा पीएचसी में भर्ती कराया था। देर शाम तकरीबन 6 बजे सरस्वती देवी ने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है की डॉक्टर्स ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जब बच्चे का दाह संस्कार करने के लिए ले जाया जा रहा था तो बच्चे की सांस चल रही थी, जिसके बाद बच्चे को आनन-फानन में शहर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। 



तकरीबन एक घंटे के इलाज के बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते बच्चे को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई होती और डॉक्टर्स ने लापरवाही नहीं बरती होती तो उसकी जान बच सकती थी। इधर दूसरी ओर परिजनों के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल में पुलिस को बुला लिया गया।