ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच

Home / bihar / rohtas-news / Bihar news : चिराग पासवान की पार्टी का नेता गिरफ्तार, नाबालिग के किडनैपिंग-रेप...

Bihar news : चिराग पासवान की पार्टी का नेता गिरफ्तार, नाबालिग के किडनैपिंग-रेप के आरोप में कार्रवाई; पुलिस ने लड़की को किया बरामद

सासाराम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष और करूप पंचायत के मुखिया कमलेश राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

06-Dec-2025 10:26 AM

By First Bihar

सासाराम जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष और करूप पंचायत के मुखिया कमलेश राय को पुलिस ने गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पिछले महीने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ अनैतिक कार्य किए जाने का आरोप है। पुलिस ने लगभग एक महीने तक चले जांच और साक्ष्य संकलन के बाद यह कार्रवाई की है। मामले की जानकारी सासाराम के एसडीपीओ-2 कुमार वैभव ने दी।


कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

यह मामला 12 नवंबर 2024 को दर्ज हुआ था, जब करूप पंचायत के भैंसही कला गांव की एक नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत उसके परिजनों ने थाने में की। प्राथमिकी में सीधे तौर पर मुखिया कमलेश राय और उनके सहयोगियों पर अपहरण का आरोप लगाया गया। परिजनों ने कहा कि बच्ची अचानक घर से गायब हो गई थी और उनकी ओर से गुमशुदगी व अपहरण की आशंका का मामला दर्ज कराया गया।


मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। आसपास के गांवों, संभावित ठिकानों और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाने लगी। इसी दौरान कई तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले।


19 नवंबर को हुई नाबालिग की बरामदगी

घटना के एक सप्ताह बाद, 19 नवंबर को पुलिस ने नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया कि बच्ची कहां से मिली और किन परिस्थितियों में मिली, लेकिन उसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया और फिर मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया गया।


बयान में क्या कहा नाबालिग ने?

पुलिस के अनुसार, बच्ची ने कोर्ट में दिए अपने बयान में ऐसे तथ्य बताए, जिनके आधार पर मुख्य आरोपी कमलेश राय के खिलाफ गंभीर आरोप पुष्ट होते दिखे। उसके बयान और परिवार द्वारा दर्ज प्राथमिकी दोनों में गंभीर समानताएं पाई गईं। यही बातें पुलिस की आगे की कार्रवाई का आधार बनीं।


गिरफ्तारी की पुष्टि

एसडीपीओ कुमार वैभव ने बताया कि—“कोर्ट में दर्ज बयान, परिजनों की प्राथमिकी और जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मुखिया कमलेश राय की गिरफ्तारी की गई है। उनके खिलाफ अपहरण तथा नाबालिग के साथ दुराचार से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।”


इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी चर्चा है, क्योंकि आरोपी केवल मुखिया ही नहीं, बल्कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष भी हैं। इस कारण मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है।


पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस ने कहा है कि मामले में और लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि नाबालिग को कैसे और किन परिस्थितियों में ले जाया गया था। यदि किसी और की भूमिका पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ा दी है।


घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे बेहद गंभीर और शर्मनाक बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस गिरफ्तारी ने हलचल मचा दी है। पार्टी स्तर पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। कई ग्रामीणों ने कहा कि वे न्याय की उम्मीद में पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई पर निगाह बनाए हुए हैं।