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01-Jan-2026 04:52 PM
By First Bihar
PURNEA: विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल, परोरा,पूर्णिया के छात्रों ने द्वितीय बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर विद्यालय का नाम राज्य स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है क्योंकि यह 14वीं बार है जब विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्रों की परियोजना का राज्य स्तरीय प्रस्तुति एवं राज्य पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
जिला स्तर पर यह प्रतियोगिता पूर्णिया में आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय की तीन परियोजनाओं का चयन हुआ।
कृषि साथी – श्रुति सिंह एवं अक्षिता अनुभा
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम – नूपुर एवं हर्षित
सोलर ट्रैकिंग सिस्टम – अक्षय एवं श्रेयशी
इन तीनों परियोजनाओं ने जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय स्तर के लिए क्वालिफाई किया। क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता मधुबनी में आयोजित हुई, जहाँ ‘कृषि साथी’ परियोजना ने अपनी उपयोगिता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के कारण विशेष पहचान बनाई और राज्य स्तर के लिए चयनित हुई।
राज्य स्तरीय बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 30 एवं 31 दिसंबर 2025 को पटना स्थित श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार द्वारा एससीईआरटी, बीसीएसटी एवं श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, पटना के सहयोग से किया गया। राज्य स्तर पर कुल 51 परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं, जिनमें से केवल 30 परियोजनाओं को राज्य पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। इन 30 चयनित परियोजनाओं में पूर्णिया जिले से विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल की एकमात्र परियोजना का चयन हुआ।
विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल की छात्रा श्रुति सिंह द्वारा प्रस्तुत ‘कृषि साथी’ परियोजना किसानों के लिए एक अभिनव और व्यावहारिक समाधान है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से किसान पौधों की पत्तियों की तस्वीर अपलोड कर उनकी स्थिति का विश्लेषण कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर पौधों के लिए पोषण या औषधीय उपचार की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। ‘समाधान करें’ विकल्प के माध्यम से किसान हिंदी भाषा और चित्रात्मक संकेतों की सहायता से स्प्रिंकलर प्रणाली को नियंत्रित कर सकते हैं, जिससे तकनीकी जानकारी सीमित होने पर भी इसका सहज उपयोग संभव है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री निखिल रंजन ने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और विद्यालय में अनुसंधान आधारित शिक्षा व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ‘कृषि साथी’ जैसी परियोजनाएं छात्रों को समाज से जोड़ने और वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
विद्यालय के सचिव श्री राजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि 14वीं बार राज्य स्तर पर चयन विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और निरंतर नवाचार की संस्कृति को दर्शाता है। यह उपलब्धि पूरे विद्या विहार परिवार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। विद्यालय के निदेशक इंजी. रंजीत कुमार पॉल ने कहा कि इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्र वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के क्षेत्र में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं।
विद्यालय परिवार की ओर से छात्रा श्रुति सिंह एवं अक्षिता अनुभा, उनके मार्गदर्शक शिक्षक मनीष कुमार एवं अभिषेक पटेल तथा सम्पूर्ण एटीएल एवं विज्ञान विभाग को हार्दिक बधाई दी गई। विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी इस उपलब्धि पर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। यह सफलता न केवल विद्यालय बल्कि पूरे पूर्णिया जिले के लिए सम्मान की बात है और भविष्य में विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।



