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26-Dec-2025 01:02 PM
By First Bihar
land dispute : पूर्णिया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री विजय सिन्हा एक बार फिर सख्त तेवर में नजर आए। जमीन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान जब उन्हें एक गंभीर शिकायत मिली, तो वे पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए। मंत्री के कड़े शब्दों और अधिकारियों को दी गई चेतावनी ने साफ संकेत दे दिया कि अब जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, कसबा इलाके की रहने वाली सीमा मांझी जनसंवाद कार्यक्रम में अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। उन्होंने मंत्री को बताया कि उनके परिवार की जमीन का बंटवारा सभी जरूरी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद अब तक नहीं किया गया है। बार-बार अंचल कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। सीमा मांझी का कहना था कि जानबूझकर मामले को लटकाया जा रहा है और उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा।
शिकायत सुनते ही मंत्री विजय सिन्हा ने तुरंत संबंधित कर्मचारियों को बुलाने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अंचल अधिकारी से सीधे सवाल किया कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और जिम्मेदार अधिकारी कौन है। मंत्री का लहजा साफ तौर पर सख्त था और उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा।
इस पर अंचल अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि वे इस मामले के दौरान यहां पदस्थापित नहीं थीं। उन्होंने बताया कि उनके आने से पहले जो अंचल अधिकारी थे, उन्हें ही इस पूरे प्रकरण की जानकारी होगी, लेकिन उनका तबादला हो चुका है। अंचल अधिकारी ने यह भी कहा कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और असल गड़बड़ी डीसीएलआर स्तर पर हुई है।
अंचल अधिकारी की बात सुनने के बाद मंत्री विजय सिन्हा और ज्यादा नाराज हो गए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदारी से बचने की कोशिश किसी भी अधिकारी को भारी पड़ेगी। मंत्री ने तुरंत निर्देश दिया कि विभाग की ओर से संबंधित डीसीएलआर को पत्र लिखकर जवाब मांगा जाए। उन्होंने कहा कि जब सभी दस्तावेज पूरे हैं और मामला स्पष्ट है, तो फिर बंटवारा क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब देना होगा।
इसी दौरान मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “यह बात आप लोग अच्छी तरह समझ लीजिए। आप कहीं भी ट्रांसफर हो जाएं, रिटायर हो जाएं या किसी और जगह चले जाएं, मैं आपको छोड़ने वाला नहीं हूं। जो भी गड़बड़ी करेगा, उसका पीछा मैं श्मशान तक करूंगा।” मंत्री के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई और अधिकारियों के चेहरों पर भी साफ चिंता दिखाई दी।
मंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है और वर्षों तक उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह स्थिति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की समयबद्ध समीक्षा की जाए और जिन मामलों में जानबूझकर देरी या गड़बड़ी की गई है, वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का मकसद ही यही है कि आम लोगों की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचे और मौके पर ही समाधान निकाला जाए। यदि अधिकारी सही तरीके से काम करेंगे तो उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन अगर किसी ने भ्रष्टाचार या लापरवाही की, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जनसंवाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मंत्री के इस सख्त रुख की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह जमीन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई होती रही, तो आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल सीमा मांझी के मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दे दिया गया है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोषी अधिकारियों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।