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12-Dec-2025 02:46 PM
By First Bihar
Vijay Kumar Sinha : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि विभाग अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “हम भौकाल नहीं बनाते, सीधे एक्शन लेते हैं।” मंत्री ने भूमि से जुड़े मामलों में जनता की समस्या को तेजी से निपटाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की, जो आम लोगों को बड़ी राहत देने वाली है।
मंत्री सिन्हा ने कहा कि यदि किसी नागरिक की जमीन से जुड़ी कोई शिकायत है और प्रखंड के अधिकारी उस पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो अब उन्हें अधिकारियों से बहस या संघर्ष करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि “मैं हर हफ्ते जनता की शिकायतें खुद सुनूंगा। आप सीधे मेरे पास अपनी समस्या रख सकते हैं, उसके बाद मैं अधिकारियों से जवाब तलब करूंगा।”
उन्होंने बताया कि कई बार लोग प्रखंड, अंचल, जिला और मुख्यालय—चारों स्तरों पर शिकायत कर देते हैं, लेकिन उसके बावजूद भी उनका काम पेंडिंग में रहता है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जिन मामलों पर कार्रवाई नहीं हो रही है, उन्हें वह अपनी प्राथमिकता में लेकर तुरंत समाधान सुनिश्चित करेंगे।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में कहीं भी अवैध तरीके से कोई कारोबार, जमीन का कब्जा, फर्जी दाखिल-खारिज या किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो विभाग की टीम तुरंत जांच और कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके पास किसी प्रकार का सबूत है, तो उसे सीधे उनके पास जमा करें।
उन्होंने यह भी कहा कि हर हफ्ते वह खुद दो घंटे तक कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करेंगे। इसके अलावा प्रधान सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से मौजूद रहेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या विभाग तक पहुंचा सके। उन्होंने इसे जनता के लिए एक नई और पारदर्शी व्यवस्था बताते हुए कहा कि विभाग आम लोगों की परेशानी दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कर्मचारियों और पदाधिकारियों के साथ अनावश्यक बहस या विवाद से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को अपनी बात सामने कहने में हिचकिचाहट है, तो वह गोपनीय तरीके से भी शिकायत दर्ज कर सकता है। “आप चाहे तो मेरे पते पर गोपनीय आवेदन भेजें, आपकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी,” उन्होंने कहा।
विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य समाधान देना है, विवाद पैदा करना नहीं। उन्होंने कहा कि बिहार में भय या ‘भौकाल’ से नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रणाली और ठोस कार्रवाई से व्यवस्था सुधरेगी। “भौकाल से सिर्फ भय और बीमारी बढ़ती है। हम समस्या का निदान करने में विश्वास रखते हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में फर्जी तरीके से दाखिल-खारिज, नामांतरण या जमीन विवाद खड़ा किया जाता है। ऐसे सभी मामलों में यदि शिकायत साक्ष्य के साथ मिलेगी, तो विभाग की विशेष टीम जांच करेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कुल मिलाकर, मंत्री विजय कुमार सिन्हा के इस बयान और नई व्यवस्था से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार सरकार जमीन से जुड़े मामलों पर गंभीर है और लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए अब उच्च स्तर पर सीधी निगरानी की जाएगी। यह कदम उन हजारों लोगों को राहत देगा जो वर्षों से अपनी जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे।