PATNA: पटना में मेट्रो की शुरुआत 5 दिन पहले यानि 6 अक्टूबर को हो गया। पटना मेट्रो को चलाने की कमान बिहार की बेटी स्वाति मौर्य को दी गयी है। स्वाति मौर्य पटना मेट्रो की पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं। स्वाति पटना की रहने वाली है। जो पिछले 5 साल से मेट्रो चला रही है। अपने गृह क्षेत्र में स्वाति को काम करने का मौका मिला है। जिससे वो काफी खुश हैं। वह कहती है कि ट्रेन चलाने की बात पर लोग ताने मारते थे, जिन्हें लोको पायलट बनकर ज्योति ने जवाब दिया। आज पटना में वो मेट्रो चला रही हैं।
स्वाति ने बताया कि पटना साइंस कॉलेज से जूलॉजी ऑनर्स करने के बाद वो सरकारी नौकरी की तैयारी में लग गयी। बैंकिंग की तैयारी करती थी। एक दिन वह किसी काम से बैंक में गई थी। तो उसकी नजर वहां मौजूद कुछ स्टूडेंट पर गई। उसने पूछा कि किसी चीज का फार्म भर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की वैकेंसी निकली है। उसी का फॉर्म भरने के लिए बैंक आए हैं। छात्रों को दिल्ली मेट्रो का फार्म भरते देख स्वाति ने सोचा कि इस फॉर्म को भरा। स्वाति बैंकिंग की तैयारी करती थी कभी दिल्ली मेट्रो का फॉर्म नहीं भरी थी। लेकिन छात्रों को देख इस बार उनसे मन में इच्छा हुई कि इस फॉर्म को भरना चाहिए।
फिर उसने वैसा ही किया और दिल्ली मेट्रो की परीक्षा में शामिल हुईं। जिस दिन मेट्रो की परीक्षा थी उसी दिन बैंक की भी परीक्षा थी। लेकिन बैंकिंग की परीक्षा स्वाति ने छोड़ दी और मेट्रो की परीक्षा में शामिल होने का फैसला ले लिया। नतीजा यह हुआ कि 2011 में कस्टमर रिलेशन असिस्टेंट (सीआरए) के पद पर उसकी नियुक्ति हुई। फिर 2016 में स्वाति वायलेट लाइन की स्टेशन कंट्रोलर बन गयीं। उसके बाद लॉकडाउन के वक्त 2020 में उसने विभागीय प्रमोशन के लिए ट्रेन ऑपरेटर की परीक्षा दी जिसमें सफलता भी हासिल की।
स्वाति ने बताया कि जब वह ट्रेन चला रही थी तब लोग कहते थे कि ट्रेन चल भी रहा है कि नहीं, ब्रेक लगेगा ना, एक्सीडेंट तो नहीं ना होगा। कई ऐसे भी लोग मिले जो ताना मारा करते थे कि लड़कियों को महिला सशक्तिकरण भी चाहिए, लेकिन इनको इवनिंग नहीं मॉर्निंग ड्यूटी ही करना है। लेकिन इन सब पर मैं ध्यान नहीं देती थी। 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद उसे मेट्रो चलाने का मौका मिला।
जब मैंने रिश्तेदारों को बताया कि आज मैंने मेट्रो चलाया है तब उनका कहना था कि लड़की होकर ऐसे कैसे ट्रेन चला लिया। फिर मैंने उन्हें समझाया कि ट्रेन चलाना इतना भी मुश्किल नहीं है। पिछले 5 साल मेट्रो चला रही हूं। 15 सितंबर को अपने होम टाउन पटना आई। यहां आने के बाद पटना मेट्रो के ट्रायल के दौरान ट्रेन को चलाया फिर उद्घाटन के दिन मुख्यमंत्री नीतीश को बिठाकर मेट्रो से भ्रमण कराया। आज वह पटना मेट्रो की पहली महिला लोको पायलट बन गयी है। पटना में मेट्रो की शुरुआत के बाद स्वाति ने पूरे परिवार को मेट्रो से भ्रमण कराया। बेटी की इस सफलता से पूरा परिवार खुश है।