Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश UPSC Result: अरवल की बेटी आकांक्षा सिंह को मिली सफलता, UPSC परीक्षा में 454वां रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान कौन थे भारत के पहले IAS अधिकारी? जिन्होंने इंग्लैंड से पास की थी परीक्षा, रवींद्रनाथ टैगोर से था गहरा नाता; सफलता की कहानी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत
15-May-2025 10:28 AM
By First Bihar
Srijan Scam Bihar: बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले में CBI की लापरवाही पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। घोटाले की आरोपी रजनी प्रिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को चेतावनी दी कि यदि 16 मई तक काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं किया गया, तो एजेंसी को पटना हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में 10,000 रुपये का जुर्माना जमा करना होगा।
इस मामले की सुनवाई के दौरान रजनी प्रिया के अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट को जानकारी दी कि 26 मार्च को सीबीआई को एफिडेविट दाखिल करने का आदेश मिला था, परंतु 25 अप्रैल तक भी एजेंसी ने इसे दाखिल नहीं किया। जबकि सीबीआई ने कोर्ट से अल्प अवधि की मांग करते हुए आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही एफिडेविट दाखिल कर देगी, लेकिन वह भी नहीं हुआ।
कौन हैं रजनी प्रिया?
रजनी प्रिया, सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड की सचिव रही हैं। उनके खिलाफ 18 से अधिक मामले दर्ज हैं और उन पर सरकारी धन के गबन का गंभीर आरोप है। वे फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं।
क्या है सृजन घोटाला?
सृजन घोटाला बिहार का एक बड़ा वित्तीय घोटाला है, जो 2003 से लेकर 2017 तक चलता रहा। इस घोटाले में एक एनजीओ ने कई सरकारी विभागों की करोड़ों की राशि को अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिया। यह संस्था मूलतः महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर बनाई गई थी, लेकिन बाद में घोटाले का अड्डा बन गई। सरकारी विभागों की आंखों में धूल झोंककर करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
CBI की भूमिका पर सवाल:
इस मामले में CBI की धीमी जांच और कोर्ट के आदेशों की अनदेखी से एजेंसी की पारदर्शिता और गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट की फटकार यह साबित करती है कि न्यायिक व्यवस्था इस तरह की लापरवाहियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
अगली सुनवाई:
इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई 2025 को तय की गई है। अब देखना यह होगा कि CBI कोर्ट की सख्ती के बाद समय पर जवाब दाखिल करती है या नहीं।