Patna- Howrah rail route update : सिमुलतला स्टेशन के पास बड़ुआ नदी के पुल पर हुई मालगाड़ी दुर्घटना के करीब 67 घंटे बाद आखिरकार पटना–हावड़ा रेल रूट पर आंशिक रूप से परिचालन बहाल कर दिया गया है। मंगलवार शाम 5.50 बजे झाझा से धनबाद के लिए एक मालगाड़ी को डाउन ट्रैक पर रवाना किया गया। इसके साथ ही रात के समय यात्री ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।


रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, डाउन ट्रैक को पूरी तरह क्लीयर कर दिन में लाइट इंजन चलाकर सफल ट्रायल किया गया था। इसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पहली मालगाड़ी को बेहद कम गति से घटनास्थल से गुजारा गया। झाझा स्टेशन मास्टर रविकांत माथुरी ने बताया कि मंगलवार शाम 4.30 बजे डाउन लाइन को क्लीयरेंस दे दिया गया था। इसके बाद 5.50 बजे झाझा से धनबाद के लिए मालगाड़ी खोली गई, जिसे ऐहतियात के तौर पर कॉशन के साथ मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। ट्रेन ने बिना किसी परेशानी के पुल को पार कर लिया।


इसी क्रम में मंगलवार शाम 7.20 बजे झाझा से पानागढ़ के लिए भी एक और मालगाड़ी को डाउन लाइन पर रवाना किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि डाउन ट्रैक अब सुरक्षित रूप से परिचालन के लिए तैयार है। आसनसोल रेल मंडल के पीआरओ बिपला बाउरी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी की क्षतिग्रस्त बोगियों को दोनों ट्रैक से पूरी तरह हटा दिया गया है। साथ ही पुल और ट्रैक की तकनीकी जांच भी की गई है, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।


हालांकि, अप ट्रैक पर अभी तक परिचालन शुरू नहीं हो सका है। रेलवे की ओर से अप लाइन पर युद्धस्तर पर मरम्मत और तकनीकी जांच का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अप ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।


डाउन ट्रैक के बहाल होने के बाद मंगलवार रात यात्री ट्रेनों का भी परिचालन शुरू कर दिया गया। 15028 गोरखपुर–संबलपुर मौर्य एक्सप्रेस रात करीब 10 बजे झाझा पहुंची। इसके बाद रात लगभग 10.22 बजे यह ट्रेन टेलवा हॉल्ट के पास उस पुल से गुजरी, जहां मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। ट्रेन के सुरक्षित गुजरने से यात्रियों और रेलवे प्रशासन दोनों ने राहत महसूस की।


फिलहाल, कई प्रमुख ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। इनमें मधुपुर–आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस, टाटानगर–बक्सर एक्सप्रेस, हावड़ा–पटना एक्सप्रेस, हावड़ा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, कोलकाता–गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, हावड़ा–अमृतसर मेल और हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को प्रधानखुंटा, धनबाद और गया के रास्ते परिचालित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है, लेकिन यात्रा बाधित नहीं हो रही है।


वहीं, पटना–जसीडीह एक्सप्रेस सहित कुछ मेमू ट्रेनों को झाझा स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिनेट किया जा रहा है। इससे स्थानीय यात्रियों को कुछ असुविधा जरूर हुई है, लेकिन रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और ट्रैक पूरी तरह बहाल होते ही सामान्य परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।


हादसे का असर जनशताब्दी एक्सप्रेस पर भी पड़ा है। सोमवार और मंगलवार को निर्धारित समय पर जनशताब्दी का परिचालन नहीं हो सका। इसी कारण नियमित संचालन को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए बुधवार को 12024 पटना–हावड़ा और 12023 हावड़ा–पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।


हालांकि, राहत की बात यह है कि पटना–हावड़ा और हावड़ा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा है। ये ट्रेनें लगभग सामान्य समय और मार्ग से संचालित होती रहीं। कुल मिलाकर, सिमुलतला रेल हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए डाउन ट्रैक को बहाल कर दिया है। अप ट्रैक पर भी जल्द ही परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल, आंशिक बहाली से यात्रियों और माल परिवहन दोनों को राहत मिली है, जबकि रेलवे की प्राथमिकता सुरक्षा के साथ पूर्ण रूप से परिचालन बहाल करना बनी हुई है।