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25-Jan-2026 03:30 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार राज्य योजना परिषद की सहायक निदेशक शालिनी कुमारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिना सरकार से पूर्व अनुमति लिए ही वह अपने पति के साथ एक सप्ताह के लिए इंडोनेशिया के बाली चली गईं। लौटने पर उन्हें विभाग ने कारण बताओ नोटिस थमाया है।
योजना एवं विकास विभाग ने शालिनी कुमारी को नोटिस में 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि समय पर जवाब न देने पर विभाग उनके पक्ष जाने बिना ही कार्रवाई कर सकता है। इस कारण अब उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। शालिनी कुमारी 67वीं बैच की अधिकारी हैं और 2024 में योजना विकास पदाधिकारी के रूप में सेवा में शामिल हुई थीं।
नोटिस में कहा गया है कि शालिनी कुमारी ने 17 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 तक बाली, इंडोनेशिया की यात्रा के लिए 11 अक्टूबर 2025 को टिकट बुक किया था। इसके दो महीने बाद 12 दिसंबर 2025 को, यानी विदेश प्रस्थान के दो कार्य दिवस पहले, उन्होंने विभाग से अनुमति के लिए आवेदन किया। विदेश से लौटने के बाद 26 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपने पदस्थ कार्यालय में ज्वाइन किया।
विभाग ने इस कदम को गंभीर अनुशासनहीनता बताया है। नोटिस में कहा गया कि यात्रा स्पष्ट रूप से पूर्व निर्धारित थी, लेकिन विभागीय अनुमति अंतिम समय में मांगी गई। विदेश प्रस्थान से पहले अनुमति प्राप्त न होने के बावजूद यात्रा करना स्वेच्छाचारित और गंभीर अनुशासनहीनता है।
सहायक उप निदेशक शालिनी कुमारी को 7 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य है। विभागीय कार्यवाही में उनके कृत्य की गंभीरता के आधार पर निलंबन या उससे अधिक कार्रवाई की संभावना है। सरकारी नियमों के अनुसार, निजी विदेश यात्रा के पहले NOC लेना अनिवार्य होता है। राजपत्रित अधिकारियों का आवेदन मुख्यमंत्री तक, जबकि अराजपत्रित कर्मचारियों का आवेदन विभागाध्यक्ष तक भेजा जाता है।
Bihar News: बिहार राज्य योजना परिषद की सहायक निदेशक शालिनी कुमारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिना सरकार से पूर्व अनुमति लिए ही वह अपने पति के साथ एक सप्ताह के लिए इंडोनेशिया के बाली चली गईं। लौटने पर उन्हें विभाग ने कारण बताओ नोटिस थमाया है।
योजना एवं विकास विभाग ने शालिनी कुमारी को नोटिस में 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि समय पर जवाब न देने पर विभाग उनके पक्ष जाने बिना ही कार्रवाई कर सकता है। इस कारण अब उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। शालिनी कुमारी 67वीं बैच की अधिकारी हैं और 2024 में योजना विकास पदाधिकारी के रूप में सेवा में शामिल हुई थीं।
नोटिस में कहा गया है कि शालिनी कुमारी ने 17 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 तक बाली, इंडोनेशिया की यात्रा के लिए 11 अक्टूबर 2025 को टिकट बुक किया था। इसके दो महीने बाद 12 दिसंबर 2025 को, यानी विदेश प्रस्थान के दो कार्य दिवस पहले, उन्होंने विभाग से अनुमति के लिए आवेदन किया। विदेश से लौटने के बाद 26 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपने पदस्थ कार्यालय में ज्वाइन किया।
विभाग ने इस कदम को गंभीर अनुशासनहीनता बताया है। नोटिस में कहा गया कि यात्रा स्पष्ट रूप से पूर्व निर्धारित थी, लेकिन विभागीय अनुमति अंतिम समय में मांगी गई। विदेश प्रस्थान से पहले अनुमति प्राप्त न होने के बावजूद यात्रा करना स्वेच्छाचारित और गंभीर अनुशासनहीनता है।
सहायक उप निदेशक शालिनी कुमारी को 7 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य है। विभागीय कार्यवाही में उनके कृत्य की गंभीरता के आधार पर निलंबन या उससे अधिक कार्रवाई की संभावना है। सरकारी नियमों के अनुसार, निजी विदेश यात्रा के पहले NOC लेना अनिवार्य होता है। राजपत्रित अधिकारियों का आवेदन मुख्यमंत्री तक, जबकि अराजपत्रित कर्मचारियों का आवेदन विभागाध्यक्ष तक भेजा जाता है।