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फ्लैट खरीदारों के हित पर जोर: रेरा बिहार कार्यक्रम में न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह का मार्गदर्शन

रेरा बिहार के विशेष कार्यक्रम ‘रेरा की बातें’ में ओडिशा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह ने रेरा अधिनियम से जुड़े सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के अहम फैसलों पर चर्चा कर आवश्यक सुझाव दिए।

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03-Feb-2026 08:47 PM

By First Bihar

PATNA: उड़ीसा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चक्रधारी शरण सिंह ने रेरा बिहार के ‘रेरा की बातें’ श्रृंखला में आज भू -सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार, के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह एवं अन्य उच्च अधिकारिओं की उपस्थिति में उच्चत्तम न्यायालय एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा रेरा अधिनियम से सम्बंधित फैसलों की विवेचना की एवं इनके अलोक में उठाये जाने वाले अपेक्षित क़दमों पर पर भी सुझाव दिए। न्यायमूर्ति श्री सिंह रेरा बिहार के विशेष आमंत्रण पर इस कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।


उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत) ने मुख्य रूप से मानसी बरार केस, पायनियर अर्बन लैंड केस एवं नयूटेक केस में  उच्चत्तम  न्यायालय द्वारा पारित आदेशों एवं सौरभ कुमार शर्मा केस, नेश इंडिया केस, शशि रंजन कंस्ट्रक्शन केस एवं नीलकमल केस आदि में सम्बंधित उच्च न्यायालयों द्वारा पारित किये गए आदेशों की विवेचना की एवं पारित अदेशों के अलोक में रेरा बिहार द्वारा उठाये जाने अपेक्षित क़दमों पर पर भी सुझाव दिए। उन्होंने रेरा अधिनियम के अतिरिक्त दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रावधानों पर भी विस्तार से जानकारी दी।  


न्यायमूर्ति श्री सिंह ने मुख्य रूप से फ्लैट या प्लॉट खरीदने वालों की सहायता हेतु रेरा में कानूनी डेस्क की स्थापना, प्रोजेक्ट के एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) का संचालन, रेरा निबंधन हेतु प्राप्त अपूर्ण आवेदनों के निष्पादन, जानबूझ कर फ्लैट या प्लॉट खरीदने वालों के पैसों का दुरुपयोग करने वाले प्रमोटरों को काली सूची में डालने हेतु उठाये जाने वाले कदम, एवं रेरा अधिनियम के अधिनियमित होने के पूर्व के प्रोजेक्ट से सम्बंधित शिकयातों के निष्पादन विषयों पर सुझाव दिए तथा कहा कि प्राधिकरण को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।


रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि आज के कार्यक्रम में की गयी विवेचना एवं दिए गए सुझाओं का प्राधिकरण को काफी लाभ मिलेगा तथा फ्लैट या प्लॉट खरीदने वालों के हितों के रक्षा में यह सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने रेरा बिहार द्वारा इस दिशा में उठाये गए क़दमों एवं किये जा रहे कार्यों से भी सेवानिवृत मुख्य नयायाधीश को अवगत कराया तथा उनसे निवेदन किया कि आगे भी वे प्राधिकरण को अपने अनुभव के लाभ उठाने का अवसर दें। उन्होंने यह भी कहा कि आज के कार्यक्रम में प्राप्त सुझाओं पर अमल किया जाएगा औत बहुत जल्द ही इसके परिणाम भी दिखने लगेंगे।


कार्यक्रम के अंत में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश को अपना बहुमूल्य समय देने हेतु धन्यवाद दिया और कहा की आज की चर्चा से सभी प्रतिभागीओं को बहुत लाभ हुआ।इस अवसर पर उड़ीसा उच्च नयायालय के सेवानिवृत मुख्य नयायाधीश न्यायमूर्ति श्री चक्रधारी शरण सिंह की सम्मानित भी किया गया एवं उन्हें स्मृति चिन्ह भी दिया गया। आज के कार्यक्रम में रेरा बिहार के सचिव अनिमेष पाण्डेय, न्याय निर्णायक अधिकारी विनोद कुमार तिवारी, विशेष कार्य पदाधिकारी राजेश थदानी एवं वरिष्ठ कानूनी सलाहकार वेद प्रकाश मौजूद रहे।