ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश UPSC Result: अरवल की बेटी आकांक्षा सिंह को मिली सफलता, UPSC परीक्षा में 454वां रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान कौन थे भारत के पहले IAS अधिकारी? जिन्होंने इंग्लैंड से पास की थी परीक्षा, रवींद्रनाथ टैगोर से था गहरा नाता; सफलता की कहानी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत

Bihar real estate fraud : सेटेलाइट ने खोली पोल! पटना में बिल्डरों के 13 अवैध प्रोजेक्ट्स का पर्दाफाश

Bihar real estate fraud : रेरा अब बिल्डर्स की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए हाई-टेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे प्रोजेक्ट्स को सेटेलाइट से पकड़ा गया है। जानिए कहां-कहां हो रहा है गैरकानूनी निर्माण।

28-May-2025 09:54 AM

By First Bihar

Bihar real estate fraud : रियल एस्टेट क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर शिकंजा कसने के लिए बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने अब अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पहले चरण की कार्रवाई में 10 ऐसे निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की पहचान की गई है, जिनका कार्य बिना रेरा में निबंधन कराए ही शुरू कर दिया गया है।


रेरा को इन प्रोजेक्ट्स की सेटेलाइट इमेज मिली हैं, जिनमें निर्माण कार्य स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ये अवैध निर्माण पटना जिले के आनंदपुर, अख्तियारपुर, राजपुर, शिवाला, हथिया कंध, उसरी, रानीपुर, बिहटा, रूपसपुर, आदमपुर और दानापुर जैसे क्षेत्रों में चल रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स की पहचान के लिए रेरा ने वन एवं पर्यावरण विभाग के वैज्ञानिक डॉ. भवेश कुमार की तकनीकी सहायता ली। डॉ. कुमार ने मंगलवार को रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह के समक्ष पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किस प्रकार सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल कर बिना निबंधन कार्य कर रहे बिल्डरों की पहचान की जा सकती है।


इससे पहले रेरा ने तकनीकी टीमों को उन स्थलों पर भेजा था, जहां बिल्डरों ने निबंधन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन पात्रता पूरी नहीं होने के कारण उनके आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए थे। जांच के दौरान इन टीमों ने पाया कि कई बिल्डर बिना रेरा की अनुमति के निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। इसी प्रक्रिया में अब तक कुल 62 ऐसे प्रोजेक्ट्स का खुलासा हो चुका है, जो नियमों को दरकिनार कर बिना रजिस्ट्रेशन के विकसित किए जा रहे हैं। रेरा का यह कदम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।