मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
04-Dec-2025 02:30 PM
By First Bihar
Traffic Jam Patna : पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। खासकर ऑफिस टाइम, स्कूल टाइम और बाजारों के व्यस्त इलाकों में लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। राजधानी की सड़कें रोजाना बढ़ते वाहनों के दबाव और अतिक्रमण के कारण बेहद संकरी हो गई हैं। ऐसे में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन अब बड़े स्तर पर एक्शन मोड में आ गया है। प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने पटना की 12 सबसे व्यस्त सड़कों से अतिक्रमण हटाने का टास्क सभी विभागों को सौंप दिया है। नगर निगम, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को शनिवार तक हर हाल में कार्रवाई पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
8 दिसंबर को कमिश्नर के सामने पेश होगी रिपोर्ट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रविवार से किसी भी तरह के अतिक्रमण पर सीधे केस दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही 8 दिसंबर को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त सहित संबंधित विभागों को शहर की ताजा स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।
इन 12 सड़कों पर होगी सबसे सख्त कार्रवाई
अभियान के पहले चरण में पटना की सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली 12 सड़कों को चिन्हित किया गया है। इनमें शामिल हैं—
सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन
शेखपुरा रोड से रुकनपुरा
बोरिंग रोड
बोरिंग कैनाल रोड से राजापुर पुल
अटल पथ
बेउर मोड़ से पहाड़ी
पटना जंक्शन के आसपास
कंकड़बाग मेन रोड
कंकड़बाग टेंपो स्टैंड से शालीमार स्वीट्स
गांधी मैदान के चारों ओर
गांधी मैदान से दीघा रोड
गांधी मैदान से पटना सिटी तक अशोक राजपथ
इन सभी इलाकों में प्रतिदिन भारी जाम लगता है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चे, मरीज और व्यापारी सभी इस स्थिति से प्रभावित होते हैं। इसी वजह से इन्हें अभियान के पहले चरण में शामिल किया गया है।
कैसा होगा अभियान और किस पर होगी कार्रवाई?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार की कार्रवाई पूरी तरह सख्त और बिना किसी समझौते के होगी। नीचे देखें कि किन-किन चीजों पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है—
1. खटाल और सड़क किनारे मवेशी हटेंगे
सड़कों के किनारे चल रहे खटालों को पूरी तरह हटाया जाएगा। गोबर, गंदगी और मवेशियों की वजह से सड़कें संकरी होती हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
2. बालू-गिट्टी बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई
सड़क पर बालू-गिट्टी, ईंट या अन्य निर्माण सामग्री बेचने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। कई जगहों पर यह वजह भी जाम का प्रमुख कारण बनती है।
3. निर्माण मलबा रखने पर दंड
जिसने भी अपनी निर्माण सामग्री, ईंट, मलबा या गिट्टी सड़क पर फैला रखी है, उसे सख्त दंड भुगतना होगा।
4. गलत पार्किंग पर भारी जुर्माना और जब्ती
गलत ढंग से पार्क किए गए वाहनों को जब्त किया जाएगा। बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या जाम को और बढ़ाती है। इस बार पार्किंग नियमों का उल्लंघन महंगा पड़ने वाला है।
5. अनधिकृत गैराजों को नोटिस, फिर हटाया जाएगा
सड़क किनारे चल रहे अवैध गैराजों की पहचान कर उन्हें एक दिन का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद यदि वे नहीं हटते हैं तो प्रशासन उन्हें बलपूर्वक हटाएगा।
6. जर्जर वाहनों पर भी कार्रवाई
पुराने, जर्जर और बेकार पड़े वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा। कई जगह यह वाहन महीनों से खड़े रहते हैं और सड़क को घेर लेते हैं।
7. सड़क किनारे कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई
जहां-जहां सड़क के किनारे कूड़ा डंप किया गया है, वहां साफ-सफाई के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अभियान का लक्ष्य – पटना के ट्रैफिक को सुचारू और शहर को जाम मुक्त बनाना
प्रशासन का दावा है कि इस अभियान से पटना की स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। सड़कें खाली होंगी, फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगे और वाहनों का आवागमन सुचारू होगा। शहर के कई हिस्सों में जाम की समस्या ऐसी है कि 2 किलोमीटर का सफर 30 मिनट में पूरा करना पड़ता है। ऐसे में यह अभियान शहरवासियों को बड़ी राहत दिलाने की कोशिश होगी।
अधिकारियों का कहना है कि अगर यह मॉडल सफल रहा तो आने वाले दिनों में इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। पटना में ट्रैफिक सुधार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन इस बार अभियान व्यापक और कड़ाई से चलाया जाएगा।