Patna school closed : पटना में बढ़ती ठंड का असर: 5 जनवरी तक कक्षा पांच तक के सभी स्कूल बंद, ऊपरी कक्षाओं के लिए बदला समय Bihar State Women Commission : बिहार की महिलाओं पर विवादित बयान देकर बुरे फंसे महिला मंत्री के हसबैंड , महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान ; सरकार से कार्रवाई की मांग Bihar News: बिहार के SHO की सैलरी से हर दिन कटेंगे पांच सौ रूपए, कोर्ट के फैसले से हर कोई हैरान Bihar News: बिहार के SHO की सैलरी से हर दिन कटेंगे पांच सौ रूपए, कोर्ट के फैसले से हर कोई हैरान बिहार में NIA का बड़ा एक्शन: फुलवारी शरीफ PFI मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, पूछताछ के बाद एक को छोड़ा बिहार में NIA का बड़ा एक्शन: फुलवारी शरीफ PFI मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, पूछताछ के बाद एक को छोड़ा पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जयंती पर भव्य समारोह का होगा आयोजन, सीएम नीतीश कुमार होंगे शामिल पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जयंती पर भव्य समारोह का होगा आयोजन, सीएम नीतीश कुमार होंगे शामिल मुजफ्फरपुर पुलिस की नई पहल: अब थानों पर लगेगा जनता दरबार, SP ने सुनीं जन-समस्याएं Bihar News: बिहार का भ्रष्ट दारोगा 25 हजार घूस लेते हुआ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की टीम ने थाना गेट पर ही रंगे हाथ धर लिया
02-Jan-2026 09:20 PM
By First Bihar
Patna school closed : बिहार में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पटना के जिलाधिकारी ने एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा पांच तक की पढ़ाई 5 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं कक्षा छह और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूल सीमित समय में संचालित होंगे।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा छह से लेकर 12वीं तक के विद्यालय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। यह आदेश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
ठंड और शीतलहर बनी वजह
पिछले कई दिनों से बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार गिर रहा है। पटना समेत कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है और दिन में भी ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं जताए हैं, जिसके चलते प्रशासन को यह सख्त निर्णय लेना पड़ा।
छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह-सुबह स्कूल जाने से उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें।
ऊपरी कक्षाओं के लिए बदला गया समय
कक्षा छह से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद न करते हुए समय में बदलाव किया गया है। सुबह के अत्यधिक ठंडे समय से बचाने के लिए स्कूलों को 10:30 बजे के बाद खोलने का निर्देश दिया गया है। इससे छात्रों को सुबह के कोहरे और ठंड से राहत मिलेगी। साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कक्षाओं में ठंड से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
आदेश का सख्ती से पालन जरूरी
जिलाधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेश उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीमें स्कूलों की निगरानी करेंगी ताकि आदेश का सही तरीके से अनुपालन हो सके।
अभिभावकों और स्कूलों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का कहना है कि सुबह की ठंड में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा था। वहीं कुछ स्कूल प्रबंधन ने भी प्रशासन के फैसले को बच्चों के हित में बताया है। हालांकि परीक्षा और सिलेबस को लेकर कुछ स्कूलों में चिंता भी जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
आगे भी बढ़ सकता है आदेश
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि ठंड और बढ़ती है तो आदेश की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए लगातार मौसम विभाग की रिपोर्ट पर नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, पटना जिलाधिकारी का यह आदेश ठंड के इस कठिन मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक जरूरी कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें मौसम में होने वाले बदलाव और प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं।