BiG BREAKING: जमुई में स्वर्ण व्यवसाई से 50 लाख की लूट, विरोध करने पर मारी गोली, थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर घटना बेंगलुरु में गैस रिसाव से लगी आग, बिहार के 5 युवक झुलसे, 2 की हालत गंभीर रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना: मामा ने भांजे का किया अपहरण, बेचने के इरादे से भेजा दिल्ली बिहार में 21 जनवरी तक चलेगा एग्री स्टैक महाअभियान: यूनिक किसान ID से PM किसान सहित सभी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ खगड़िया समाहरणालय हंगामा मामले में 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 82 नामजद पर केस दर्ज, राजद नेता समेत 14 गिरफ्तार हर खेत तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी: 4 साल में 1305 योजनाएं पूरी, 2280 योजनाओं से बदलेगी खेती की तस्वीर Patna Science City: जहां बच्चे खुद वैज्ञानिक बन जाते हैं, रॉकेट उड़ाते हैं और विज्ञान मुस्कुराता है बिहार में प्लग एंड प्ले मॉडल से औद्योगिक क्रांति: 20 नई फैक्ट्रियों से 1187 रोजगार, नीतीश कुमार के इंडस्ट्रियल हब का सपना साकार पटना के ISKCON मंदिर से अगवा युवक बरामद, सचिवालय में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा Bihar Dsp Transfer: बिहार पुलिस सेवा के कई SP-DSP का ट्रांसफर-पोस्टिंग, पूरी लिस्ट देखें...
08-Jan-2026 07:58 AM
By First Bihar
Patna Municipal Corporation : अब पटना की सड़कों पर घर या दुकान की मरम्मत के बाद मलबा फेंकना लोगों को भारी पड़ सकता है। थोड़ी सी लापरवाही न केवल आपकी जेब पर असर डालेगी, बल्कि नगर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। राजधानी में साफ-सफाई और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर पटना नगर निगम (PMC) ने बड़ा फैसला लिया है। अब सड़क, नाली या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर निर्माण या मरम्मत से निकला मलबा फेंकने पर 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने भवन मालिकों, ठेकेदारों, बिल्डरों और निर्माण एजेंसियों से अपील की है कि घर की मरम्मत, दुकान के नवीनीकरण या नए भवन निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को खुले में या सड़क किनारे न फेंकें।
नगर निगम का मानना है कि सड़क पर पड़ा मलबा कई समस्याओं की जड़ बनता है। इससे एक ओर जहां ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, वहीं दूसरी ओर उड़ने वाली धूल से वायु प्रदूषण भी गंभीर रूप ले लेता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
ग्रीन मेश लगाना हुआ अनिवार्य
पटना नगर निगम ने निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर रोक लगाने के लिए एक और अहम कदम उठाया है। अब सभी निर्माणाधीन भवनों और कमर्शियल इमारतों में ग्रीन मेश लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान सीमेंट और मिट्टी की धूल आसपास के इलाकों में फैल जाती है, जिससे लोगों को आंखों में जलन, एलर्जी और सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि किसी निर्माण स्थल पर ग्रीन मेश नहीं पाया गया, तो संबंधित भवन मालिक या ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
मलबा उठाने की सुविधा भी उपलब्ध
नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने मलबा उठाव की व्यवस्था भी की है। यदि किसी के घर या दुकान से निर्माण या मरम्मत के बाद मलबा निकलता है, तो वह खुद सड़क पर फेंकने के बजाय निगम की सेवा का लाभ उठा सकता है। नगर निगम ने इसके लिए प्रति फेरी 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। मलबा उठवाने के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 155304 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, जानकारी और सहायता के लिए नगर निगम का व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 भी उपलब्ध कराया गया है।
सीएंडडी सेकेंडरी प्वाइंट की व्यवस्था
पटना नगर निगम ने शहर के सभी अंचलों में C&D (Construction and Demolition) सेकेंडरी प्वाइंट भी विकसित किए हैं, जहां निर्माण से निकले मलबे को जमा किया जा सकता है। यह सुविधा बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग और नूतन राजधानी अंचल में उपलब्ध है। निगम का कहना है कि इन तय स्थानों पर मलबा जमा करने से न केवल शहर साफ रहेगा, बल्कि मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी संभव हो सकेगा।
निगम की सख्ती, शहर को मिलेगा फायदा
पटना नगर निगम का यह कदम राजधानी को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। निगम का स्पष्ट संदेश है कि अब नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि लोग नियमों का पालन करें और मलबे के सही निस्तारण में सहयोग करें, तो पटना को एक साफ, सुरक्षित और बेहतर शहर बनाया जा सकता है।