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12-Dec-2025 10:19 AM
By First Bihar
Patna Metro : पटना मेट्रो परियोजना ने एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन हासिल कर लिया है। पीएमसीएच स्टेशन तक भूमिगत कॉरिडोर की दूसरी टनल का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह वह हिस्सा है, जहां राधा-कृष्ण मंदिर के कारण लगभग तीन महीने तक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) की ड्रिलिंग को रोकना पड़ा था। स्थानीय लोगों की भावनाओं और धार्मिक स्थलों का सम्मान करते हुए इंजीनियरों ने टनल का मार्ग बदलकर निर्माण कार्य को पुनः गति दी, और अंततः यह चुनौतीपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
1480 मीटर लंबे इस भूमिगत हिस्से में दो टनल बनाए गए हैं। पहली टनल 10 नवंबर को पूरी हो चुकी थी, जबकि दूसरी टनल का निर्माण अब पूरा हो चुका है। इससे पटना मेट्रो परियोजना के भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण की रफ्तार और बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह सेक्शन परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण और तकनीकी रूप से संवेदनशील हिस्सा था।
टीबीएम मशीन की सफाई और आगे की प्रक्रिया
टनल के पूरा होने के बाद अब टीबीएम मशीनों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीएमसीएच से गांधी मैदान तक बनी इस नई टनल की सफाई और संरचनात्मक जांच में लगभग छह महीने का समय लगेगा। इस दौरान टनल के भीतर सभी सुरक्षा मानकों, संरचनात्मक मजबूती और तकनीकी उपकरणों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही इस हिस्से में आगे की भूमिगत ढांचागत गतिविधियों को गति दी जाएगी।
इंजीनियरिंग टीम ने बताया कि पीएमसीएच क्षेत्र के आसपास कई संवेदनशील स्थल हैं, जिनमें अस्पताल, धार्मिक स्थल और व्यस्त सड़कों के साथ आसपास के भवन शामिल हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में अत्यधिक सावधानी और सटीकता की आवश्यकता थी। विशेष रूप से मंदिर के नीचे से डायवर्जन बनाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे इंजीनियरिंग टीम ने सफलता के साथ पूरा किया। 230 मीटर लंबे इस कठिन हिस्से में सफलता हासिल करना परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण माना जा रहा है।
स्टेशन निर्माण में मिलेगी गति
टनल निर्माण पूरा होने के साथ ही अब जनवरी से पीएमसीएच स्टेशन के भीतर प्लेटफॉर्म, वॉल सेगमेंट, तकनीकी रूम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। स्टेशन को आधुनिक डिजाइन और उच्च तकनीकी मानकों के साथ विकसित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिल सके।
भूमिगत मार्ग में केबल-डक्ट, वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपायों पर भी तेजी से काम किया जाएगा। इन सभी कार्यों को पूरा करने के बाद पीएमसीएच से गांधी मैदान तक का सेक्शन पटना मेट्रो के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट के रूप में सामने आएगा।
परियोजना की महत्वाकांक्षाएं और लक्ष्य
पटना मेट्रो के अधिकारियों का लक्ष्य है कि निर्धारित समय, यानी 2025 के अंत तक भूमिगत कॉरिडोर का संचालन शुरू किया जा सके। दूसरी टनल के पूरा होने से परियोजना अब अपने महत्वपूर्ण और अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि अब निर्माण कार्य में अधिक गति आएगी और यात्री सुविधाओं को जल्द पूरा किया जा सकेगा।
इंजीनियरिंग टीम के अनुसार, इस टनल निर्माण के दौरान हासिल अनुभव भविष्य के अन्य भूमिगत निर्माण कार्यों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होंगे। इस चुनौतीपूर्ण परियोजना ने तकनीकी दक्षता, टीम वर्क और स्थानीय समाज के प्रति संवेदनशीलता के सभी पहलुओं को नया अनुभव दिया।
पटना मेट्रो परियोजना न केवल शहर के यातायात की समस्या को कम करने में मदद करेगी, बल्कि शहर के भूमिगत कॉरिडोर में तकनीकी और संरचनात्मक नवाचारों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। पीएमसीएच से गांधी मैदान तक का यह सेक्शन आने वाले वर्षों में शहर के प्रमुख रूट के रूप में विकसित होगा और लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएगा।
इस तरह, पीएमसीएच स्टेशन तक दूसरी टनल के निर्माण के पूरा होने के साथ पटना मेट्रो परियोजना ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। यह सफलता न केवल तकनीकी चुनौती को पार करने का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय समाज और धार्मिक स्थलों के प्रति सम्मान के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। आने वाले महीनों में स्टेशन निर्माण और अन्य भूमिगत ढांचागत कार्यों की तेजी से प्रगति होगी, जिससे पटना मेट्रो जल्द ही यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का माध्यम बन सकेगा।