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30-Nov-2025 02:41 PM
By First Bihar
NDRF SDRF delay : राजधानी पटना से इस वक्त की बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आई है। पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र अंतर्गत कुर्जी घाट पर रविवार की सुबह एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय राजेश महतो के रूप में की गई है, जो मूल रूप से बिंद टोली का निवासी था। राजेश पटना में रहकर एक निजी होटल में नौकरी करता था और रोज की तरह सुबह लगभग छह बजे घर से निकला था। लेकिन कुछ ही देर बाद उसके डूबने की सूचना परिवार तक पहुंची और देखते ही देखते खुशियाँ मातम में बदल गईं।
घटना के बाद से घाट पर अफरा-तफरी मची हुई है। परिवार के सदस्य रो-रोकर बेहोश हो रहे हैं। स्थानीय लोग भी मौके पर जुटे हैं और प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं। परिजन और ग्रामीण पिछले तीन घंटे से NDRF/SDRF की रेस्क्यू टीम का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी थी।
मृतक राजेश महतो के ससुर मुन्ना महतो ने बताया कि राजेश करीब चार महीने पहले रोजगार की तलाश में पटना आया था। वह उनके साथ ही रह रहा था और एक निजी होटल में काम करता था। रोज की तरह रविवार सुबह भी राजेश ने घरवालों से कहा कि वह ड्यूटी पर जा रहा है और बाइक या पैदल निकल गया।
इसी दौरान दोपहर से पहले एक युवक घर पहुंचा और परिवार को बताया कि "कुर्जी घाट पर एक युवक नदी में डूब गया है और वह राजेश ही है।" यह सुनते ही परिजन बदहवास होकर घाट की ओर दौड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि घाट पर राजेश के कपड़े पड़े हुए थे। इसके बाद परिजनों को यकीन हो गया कि डूबने वाला युवक राजेश ही है।
परिवार और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर अपने स्तर से शव को खोजने का प्रयास किया। कई लोग नाव लेकर और रस्सियों की मदद से नदी में उतरे, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण किसी तरह की सफलता नहीं मिली। पानी में गहराई और तेज प्रवाह को देखते हुए लोगों ने NDRF और SDRF की टीम को बुलाने की मांग की।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने पाटलिपुत्र थाना पुलिस, डायल 112 और प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत सूचना दे दी थी। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच भी गई, लेकिन रेस्क्यू टीम के आने में तीन घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। इस देरी को लेकर परिजन और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि गंगा नदी जैसे बड़े जलक्षेत्र में किसी के डूबने की घटना पर रेस्क्यू टीम का देर से पहुंचना गंभीर लापरवाही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि "पुलिस सूचना देने के बाद भी रेस्क्यू टीम तीन घंटे में नहीं पहुंची, यह बहुत बड़ी चूक है। अगर समय पर रेस्क्यू शुरू हो जाता तो शायद कोई उम्मीद बची रहती।"
परिजनों का कहना है कि बार-बार फोन करने के बाद भी NDRF और SDRF की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस हालांकि मौके पर मौजूद है और भीड़ को नियंत्रित कर रही है, लेकिन रेस्क्यू टीम के नहीं आने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
राजेश महतो की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके ससुर ने बताया कि राजेश के तीन छोटे बच्चे हैं और पूरा परिवार उसी की कमाई पर निर्भर था। उसके निधन से परिवार पर आर्थिक संकट के साथ भावनात्मक आघात भी गहरा हो गया है।
मुन्ना महतो ने कहा कि राजेश बेहद जिम्मेदार और मेहनती युवक था। वह परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने के उद्देश्य से पटना आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। परिजनों ने प्रशासन से रेस्क्यू में तेजी और राजेश के शव को जल्द खोज निकालने की मांग की है।
खबर लिखे जाने तक पाटलिपुत्र थाना पुलिस, डायल 112 की टीम घटनास्थल पर मौजूद थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रशासनिक स्तर पर रेस्क्यू टीम से संपर्क किया जा रहा है। लेकिन रेस्क्यू टीम के नहीं पहुंचने से भीड़ में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही नहीं रुक रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं में रेस्क्यू को प्राथमिकता दी जाए।