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13-Dec-2025 08:11 AM
By First Bihar
Patna Metro : पटना मेट्रो रेल परियोजना में पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अंडरग्राउंड टनल निर्माण का काम अप्रैल से शुरू होने वाला है। इस लंबी और संवेदनशील परियोजना के तहत 10.50 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में आने वाले बड़े और पुराने भवनों की मजबूती की गहन जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि टनल निर्माण से पहले जर्जर और संवेदनशील इमारतों को सुरक्षित करना प्राथमिकता होगी, ताकि निर्माण के दौरान किसी तरह का खतरा न पैदा हो।
पटना मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, टनल मार्ग में आने वाले भवनों की जांच के लिए चयनित एजेंसी जीपीआर सर्वे कराएगी। इस सर्वे से जमीन के नीचे की स्थिति के साथ-साथ भवनों की नींव और संरचना की मजबूती का आकलन किया जाएगा। पहले चरण में पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच आने वाले भवनों की जांच होगी, जबकि बाद में पाटलिपुत्र स्टेशन की ओर बनने वाली टनल के दायरे में आने वाली इमारतों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया मार्च तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
टनल निर्माण से पहले हर किलोमीटर पर मिट्टी की जांच पहले ही की जा चुकी है। अब अगला संवेदनशील चरण भवनों की मजबूती की जांच का है। जिन इमारतों को जोखिम वाली श्रेणी में रखा जाएगा, उन्हें दुरुस्त और सुरक्षित किया जाएगा। साथ ही, टनल मार्ग में आने वाली यूटिलिटी लाइनों को भी शिफ्ट किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
पटना मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई 31.9 किलोमीटर है और इसके लिए 13,365 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने अतिरिक्त 389.77 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है। पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच टनल निर्माण शुरू होते ही परियोजना के सभी हिस्सों में काम तेजी से चलने की उम्मीद है। इस परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 अक्टूबर को किया था।
फिलहाल कॉरिडोर-2 में पटना विश्वविद्यालय से पीएमसीएच तक टनल का काम पूरा हो चुका है और यह गांधी मैदान की ओर बढ़ रही है। वहीं दूसरी मशीन गांधी मैदान से आकाशवाणी होकर पटना जंक्शन की ओर बढ़ रही है। कॉरिडोर-2 में अब केवल राजेंद्रनगर से मोइनुल हक स्टेडियम के बीच टनल का काम बाकी है। कॉरिडोर-1 में दानापुर से पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड मेट्रो और खेमनीचक से मीठापुर तक ट्रैक व स्टेशनों का निर्माण तेजी से जारी है।
टनल मार्ग में कई महत्वपूर्ण भवनों की जांच पर खास ध्यान रहेगा। इनमें डाकबंगला चौराहा का लोकनायक भवन, हरि निवास, कोतवाली थाना, तारामंडल, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट, बिहार म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज, सचिवालय का विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन और टेक्नोलॉजी भवन शामिल हैं। इसके अलावा, बेली रोड के दोनों तरफ मौजूद इमारतें भी जांच के दायरे में आएंगी।
वर्तमान में पटना मेट्रो का परिचालन भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच 4.5 किलोमीटर के हिस्से में हो रहा है। इस रूट पर भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तीन स्टेशन हैं। शुरुआत में यहां रोजाना करीब 10 हजार यात्री सफर कर रहे थे, जो अब घटकर 900-1000 के बीच रह गए हैं। नए साल में खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन जुड़ने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।