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02-Jan-2026 08:54 AM
By First Bihar
Patna High Court news : न्यायपालिका के गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। पटना हाईकोर्ट को नया चीफ जस्टिस मिल गया है। ओड़िशा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना भारत सरकार के विधि एवं न्याय विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए जस्टिस साहू की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
पटना हाईकोर्ट में लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था चल रही थी। अब जस्टिस साहू की नियुक्ति से हाईकोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिलेगा, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक मामलों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले, जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक चीफ जस्टिस के रूप में न्यायिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
इस नियुक्ति की प्रक्रिया के पीछे सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 18 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में जस्टिस संगम कुमार साहू के नाम पर मुहर लगाई थी और उन्हें पटना हाईकोर्ट का 47वां चीफ जस्टिस बनाए जाने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्ताव रखा। राष्ट्रपति द्वारा अंतिम मंजूरी के बाद औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई।
जस्टिस संगम कुमार साहू ओड़िशा हाईकोर्ट में अपने संतुलित फैसलों और कानून की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। वे न्यायिक मामलों में सख्त लेकिन न्यायपूर्ण रुख अपनाते हैं। उनके अनुभव और न्यायिक कौशल को देखते हुए कानूनी जानकार मानते हैं कि पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक सुधारों में नई गति आने की संभावना है।
पटना हाईकोर्ट का नेतृत्व लंबे समय तक कार्यवाहक चीफ जस्टिस के हाथ में रहा है, जिससे प्रशासनिक निर्णयों में देरी और मामलों की लंबित सूची में वृद्धि देखी गई थी। जस्टिस साहू के पदभार ग्रहण करने के बाद कोर्ट की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद है। उनके नेतृत्व में न केवल लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी, बल्कि न्यायालय के प्रशासनिक ढांचे में भी व्यवस्थित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस साहू का अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण हाईकोर्ट के लिए नई दिशा तय करेगा। उन्होंने ओड़िशा हाईकोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों में न्यायिक निर्णय दिए हैं, जो न्यायपालिका में उनकी प्रतिबद्धता और निष्पक्षता को दर्शाते हैं। उनका न्यायिक रिकॉर्ड साफ-सुथरा और संतुलित माना जाता है, जिससे उनकी नियुक्ति को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इसी कॉलेजियम बैठक में उत्तराखंड, झारखंड, सिक्किम और मेघालय हाईकोर्ट के लिए भी नए चीफ जस्टिसों की नियुक्ति की अनुशंसा की गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम उच्च न्यायपालिका में स्थिरता और दक्षता लाने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है।
पटना हाईकोर्ट बिहार की न्यायिक प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहाँ के न्यायिक निर्णय सीधे राज्य की कानूनी प्रक्रियाओं और आम जनता के जीवन पर असर डालते हैं। इसलिए नए चीफ जस्टिस का नियुक्त होना सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर नहीं, बल्कि न्यायिक सुधारों और जनता के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जस्टिस संगम कुमार साहू के नेतृत्व में कोर्ट की कार्यप्रणाली में सुधार, मामलों की सुनवाई में तेजी, और न्यायिक मामलों में पारदर्शिता लाने की उम्मीद की जा रही है। न्यायपालिका में स्थायी नेतृत्व मिलने से कोर्ट की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
संक्षेप में, जस्टिस संगम कुमार साहू की नियुक्ति पटना हाईकोर्ट के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। न्यायिक और प्रशासनिक मामलों में सुधार, लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी, और न्यायपालिका में स्थिरता लाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा। पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम जनता को भी इस बदलाव से लाभ मिलने की संभावना है।