PATNA: आधार कार्ड में सुधार करने के नाम पर पटना के रिहाइशी इलाके में डेढ़ साल से साइबर ठग गिरोह संचालन हो रहा था। आर्थिक अपराध इकाई को इस बात की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद साइबर और ईओयू की टीम ने पटना के सगुना मोड़ और रूपसपुर इलाके में अवैध रूप से चल रहे कॉल सेंटर पर छापेमारी की। एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी की गयी। 


इस दौरान 15 महिलाएं और 7 पुरुष को अरेस्ट किया गया। मौके से 19 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, 53 मोबाइल और 12 एटीएम सहित अन्य सामान को जब्त किया गय। इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साइबर डीएसपी संगीता ने दी है। मीडिया से बातचीत करते हुए साइबर डीएसपी ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा सूचना मिली थी कि सगुना मोड़ और रुपसपुर इलाके में अवैध रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा है, जिससे साइबर ठगी का काम किया जा रहा है।


 इस सूचना पर साइबर और आर्थिक अपराधी की टीम अलग-अलग रेड के लिए निकली। तीन लॉकेशन पर रेड किया गया। लखन कुटीर, वेद नगर और सौभाग्य शर्मा पथ में रेड किया गया। तीनों जगहों से 15 महिलाओं और 7 पुरुष को गिरफ्तार किया है। 19 लैपटॉप, एक डेक्सटॉप, 53 मोबाइल, 12 एटीएम सहित अन्य सामान जब्त किया गया है। ये लोग आईआरसीटी से डेटा डाउनलोड करते थे, साइबर कैफे वाले इनके टारगेट होते थे।


 वहां से डेटा डाउनलोड करते थे और लोगों को कॉल करवाया जाता था। आधार सेंटर के नाम पर लोगों के साथ फ्रॉड किया जा रहा था। लड़कियां कॉल करती थी क्लाइंट्स लाती थी। उसके बाद आगे का काम बाकी लोग करते थे। 8 से 10 हजार रुपये इन लड़कियों को सैलरी दी जा रही थी। डेढ साल से यह गिरोह चल रहा था। यहां बैठकर इन लोगों ने कई लोगों को शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इनके मुख्य सरगना अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।  

पटना से सूरज कुमार की रिपोर्ट