सीतामढ़ी की सिद्धी और साक्षी ने कर दिया कमाल, इंटर परीक्षा टॉपर में दोनों का नाम, जिले का नाम किया रोशन चोरों का नया टारगेट: घर से गैस सिलिंडर चुरा लिया, लेकिन गहना को छुआ तक नहीं मुंगेर की खुशी पांडेय बनी इंटरमीडिएट 2026 जिला टॉपर, हासिल किए 93.60% अंक समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन बने बिहार टॉपर, विज्ञान संकाय में हासिल किए 96.2% अंक सीतामढ़ी में करंट से लाइनमैन की मौत, आक्रोशित लोगों ने JE की कर दी पिटाई छपरा की रौशनी बनी बिहार टॉपर, इंटर में 95% अंक के साथ पांचवा रैंक किया हासिल अंशु कुमारी बनीं अरवल जिला टॉपर, इंटरमीडिएट परीक्षा में लहराया सफलता का परचम मधुबनी की सृष्टि ने इंटर कॉमर्स में चौथा रैंक किया हासिल, घर में जश्न का माहौल पटना में लूट की बड़ी वारदात: कैश कलेक्शन एजेंट से 20 लाख रुपये लूटकर भागे अपराधी मुंगेर में 47 लाख रुपये की ठगी: शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफा के लालच में बुरे फंसे रेलवे इंजीनियर
30-Apr-2025 02:26 PM
By First Bihar
Purvanchal Expressway: पटना-बक्सर एनएच 922 के पश्चिमी छोर, यानी बक्सर जिला मुख्यालय के गोलंबर पर लगने वाले जाम की समस्या का जल्द समाधान होने की संभावना बढ़ गई है। बक्सर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक हाईवे का निर्माण तेज गति से जारी है और इसके 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से पटना-बक्सर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुचारू रहेगा।
बक्सर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने के लिए वर्तमान में संकरी इंटरमीडिएट लेन की सड़क है, जो पटना-बक्सर फोरलेन से आने वाले वाहनों का दबाव नहीं झेल पाती है। इस कारण बक्सर गोलंबर पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती है। बक्सर से जुड़ने वाले फोरलेन विस्तार और नए लिंक हाईवे के निर्माण से यातायात व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
नई लिंक हाईवे परियोजना के 2025 के अंत तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से बक्सर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच वाहनों का आवागमन सुगम हो सकेगा। लेकिन बक्सर में गंगा नदी पर बनने वाला पुल फिलहाल एक अड़चन है। इसमें केवल दो लेन का पुल निर्माणाधीन है, जबकि तीन लेन के पुल की जरूरत है। तीन लेन का पुल बनने से इस मार्ग पर यातायात के दबाव को और कम किया जा सकेगा। हालांकि, अब तक इस पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
उत्तर प्रदेश में एनएच-31 के गाजीपुर-बलिया-रिविलगंज खंड पर चार लेन का राजमार्ग निर्माणाधीन है। इसमें बक्सर से करीमुद्दीनपुर तक 17.270 किमी लंबा फोरलेन भी शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने से बक्सर और पटना के बीच की दूरी लगभग 16 से 17 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। फोरलेन बनने से यातायात की गति में सुधार होगा और यात्रा का समय भी कम हो जाएगा।
इस परियोजना की कुल पूंजी लागत 617.88 करोड़ रुपये है, जिसमें से 316.56 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य 1 जून 2023 को शुरू हुआ था और इसकी समयसीमा 14 जून 2025 तक निर्धारित की गई थी। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार अब परियोजना का पूरा होने का समय अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसपी पाठक ने हाल ही में कहा था कि अक्टूबर 2025 तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
इस नए लिंक हाईवे के पूरा होने के बाद, यातायात का दबाव कम होगा और पटना-बक्सर मार्ग पर जाम की समस्या भी हल हो जाएगी। यह परियोजना विशेष रूप से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए राहत का कारण बनेगी। इसके अलावा, यह विकास कार्य बक्सर क्षेत्र में यातायात के तेज़ी से बढ़ते दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस परियोजना के पूरी तरह से चालू होने के बाद बक्सर और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और सामरिक दृष्टिकोण से भी विकास होगा। यह न केवल परिवहन की सुगमता बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय व्यवसायों और उद्योगों के लिए भी अच्छे अवसर प्रदान करेगा। सड़क परिवहन क्षेत्र में सुधार के साथ ही बक्सर और पटना के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा।
कुल मिलाकर, यह परियोजना न केवल बक्सर और पटना के बीच यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि इसे आसपास के क्षेत्रों में विकास और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस योजना के पूर्ण होने से यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।