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लाठीचार्ज से गुस्साए बर्खास्त सर्वे कर्मियों ने पटना में निकाला आक्रोश मार्च, तेजस्वी यादव से भी की मुलाकात

पटना में बर्खास्त विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों ने आक्रोश मार्च निकाला। 10 सितंबर को बीजेपी दफ्तर घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में कई घायल हुए थे। दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई, पुन: बहाली और समान वेतन की मांग पर अड़े हैं।

बिहार

11-Sep-2025 06:28 PM

By First Bihar

PATNA: 10 सितंबर को पटना के बीजेपी दफ्तर का घेराव करने पहुंचे जमीन सर्वे के बर्खास्त संविदा कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें कुछ का सिर फट गया था, वही कई कर्मी घायल हो गये थे। नौकरी से बर्खास्त विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आज फिर उन्होंने पटना में आक्रोश मार्च निकाला। 


पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल से यह जुलूस निकला और पटना जंक्शन होता हुआ बुद्धा स्मृति पार्क के पास पहुंचा। जहां आंदोलनकारियों ने एनडीए सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। आंदोलनकारी लाठीचार्ज की घटना से आक्रोशित थे और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। गुस्साएं बर्खास्त कर्मियों सरकार के समक्ष अपनी मांगे रखी और इस पर विचार करने की बातें कही। 


इससे पहले विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी दी। तेजस्वी यादव ने लिखा कि "विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी संघ की तरफ से पुन: एक बार फिर प्रतिनिधि मंडल मिला। सरकार ने इन्हें एकमुश्त सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। संपूर्ण बिहार के हज़ारों संविदा कर्मी 16 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इनके शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर बर्बरतापूर्वक कुचल दिया गया। हम इनकी निम्नवत मांगों के साथ है।

1. धरना-सत्याग्रह में बर्खास्त किये गए सभी कर्मियों की सेवा तत्काल बहाल की जाए।

2. इनकी सेवा 60 वर्ष तक नियमित की जाए।

3. नियमित नियुक्ति में इन्हे अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जाए।

4. मंहगाई भत्ता, पदनाम परिवर्तन, EPFO अंशदान इत्यादि अन्य मांगों को स्वीकार किया जाए।

#TejashwiYadav #Bihar #RJD


बता दें कि बर्खास्त अमीन एवं अन्य सर्वेक्षण कर्मियों को बहाल करने और समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन पर 9000 से ज्यादा कर्मी बैठे। सरकार ने एक झटके में सबको नौकरी से हटा दिया है। लेकिन अपनी मांगों को लेकर अभी भी अनशन पर भी बैठे हुए है। कुछ अनशनकारियों की तबीयत भी इस दौरान बिगड़ गयी, जिन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। आंदोलनकारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है।  


बुधवार 10 सितंबर को प्रदर्शनकारी काफी देर तक भाजपा कार्यालय के गेट पर डटे रहे और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी से मिलने की मांग पर अड़े थे। इस दौरान सभी ने बीजेपी दफ्तर का घेराव कर दिया था। जिन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस की टीम लगी हुई थी। इस दौरान धक्कामुक्की भी हुई। तभी वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने इन बर्खास्त कर्मियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान एक कर्मी का सिर फट गया वही कई लोग घायल हो गये। 


बता दें कि विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा पूरे बिहार में राजस्व महाभियान चलाया जा रहा है। बिहार सरकार ने इस अभियान के दौरान आंदोलन करने वाले कई कर्मियों को पिछले दिनों बर्खास्त कर दिया था। प्रदर्शनकारी उन्हें बहाल करने और अमीन, बंदोबस्त पदादिकारियों की सेवा नियमित करने और समान वेतन, भत्ते की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं।