सबसे बड़े गुनाहगार कर एक्शन कब ? महिला MVI की गाड़ी पर सवार होकर वसूली करने वाला 'भतीजा' गया जेल, दफ्तर में भी बैठकर करता था अवैध काम रायफल से खूंटा ठोकाला! बर्थडे पार्टी में आर्केस्ट्रा गर्ल ने बंदूक लहराई, अश्लील गानों पर लगाए ठुमके – वीडियो वायरल BIHAR NEWS : सुनसान पहाड़ पर बिहार सरकार बनाएगी हाई सिक्योरिटी जेल, सम्राट चौधरी ने किया एलान 31 मार्च से पहले कर लें यह 5 काम, नहीं तो बाद में हो सकते है परेशान LALU YADAV : दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा झटका! लालू यादव की याचिका खारिज, रेलवे लैंड फॉर जॉब घोटाले में जांच जारी विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान: बिहार में अवैध मीट शॉप होंगे बंद, बिना लाइसेंस नहीं खुलेगी दुकान BIHAR NEWS : मोकामा की हॉट सीट पर अनंत सिंह के तीन बेटों में से कौन बनेगा विधायक? कहा -दूकान से खरीदने की चीज़ नहीं जो .... राज्यसभा जाने से पहले बिहार के 6 लाख शिक्षकों को गिफ्ट देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, करोड़ों छात्र-छात्राओं को भी मिलेगी राहत Bihar News: हड़ताली CO को अंतिम चेतावनी, कल शाम तक काम पर लौटें वरना..., डिप्टी CM का ऐलान - जनहित से समझौता नहीं BIHAR NEWS : दिनदहाड़े बाइक सवार युवक की हत्या, पुलिस मामले की जांच में जुटी! पूरी खबर पढ़ें
05-Mar-2025 07:50 PM
By First Bihar
Bihar Land Survey: राज्य के सभी जिलों में अब असर्वेक्षित भूमि का भी सर्वेक्षण होगा। यह सर्वे उन जिलों में जारी सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम समाप्त होने के बाद किया जाएगा। इसके संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा निर्णय ले लिया गया है और विभाग के पत्र संख्या- 996, दिनांक- 04.03.25 के जरिए जरूरी निर्देश भी निर्गत कर दिए गए हैं।
यह बात राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने विधान परिषद में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कही। उन्होंने सदन में असर्वेक्षित एवं टोपोलैंड भूमि के सर्वे से संबंधित पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया। राज्य में प्राथमिकता के आधार पर भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम 2 चरणों में किया जा रहा है।
पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वे का काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ। दूसरे चरण में अगस्त, 2024 में 18 जिलों के सभी अंचलों और पहले चरण के 20 जिलों के बाकी 131 अंचलों में भूमि सर्वे का काम शुरू हुआ। असर्वेक्षित भूमि का सर्वे प्रथम और दूसरे चरण के सभी अंचलों में किया जाएगा।
मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि असर्वेक्षित भूमि के अतिरिक्त टोपोलैंड का भी सर्वे कराया जाना है। इसके संबंध में एक कमेटी का गठन किया गया है। विधि विभाग का मंतव्य अभी प्राप्त नहीं है। विधि विभाग का मंतव्य प्राप्त होने के बाद कमेटी द्वारा टोपोलैंड के संबंध में अपना सुझाव एवं मंतव्य दिया जाएगा जिसके आलोक में विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
असर्वेक्षित भूमि एवं टोपोलैंड वैसी भूमि है जिनका विगत भूमि सर्वेक्षण में रैयतवार अधिकार अभिलेख एवं खेसरावार मानचित्र तैयार नहीं किया गया इसकी वजह से उन इलाकों में भूमि पर स्वामित्व को लेकर विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं और सरकार से इस संबंध में निर्णय लेने की अपेक्षा की जा रही है।