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09-Dec-2025 09:46 AM
By First Bihar
बिहार में एनडीए की सत्ता में वापसी के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल में नई सक्रियता दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शासन-प्रशासन को नई ऊर्जा देने और विकास कार्यों को तेज़ करने के उद्देश्य से आज दोपहर साढ़े तीन बजे मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट कक्ष में अहम और रणनीतिक बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के युवाओं के लिए किए गए 1 करोड़ नौकरी और रोजगार के वादे को जमीन पर उतारना है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कैबिनेट की मेज़ पर तीन नए विभागों के गठन का प्रस्ताव रखा जाएगा। ये विभाग विशेष रूप से रोजगार सृजन (Job Creation), कौशल विकास (Skill Development), और उद्यमिता (Entrepreneurship) को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। इन विभागों के गठन से प्रशासनिक ढांचा रोजगारोन्मुखी बनेगा और युवाओं को तेजी से अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिल सकती है और यह बिहार में बेरोजगारी कम करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
नई सरकार के गठन के बाद यह दूसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले 25 नवंबर को हुई पहली बैठक में छह प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगी थी, जिनमें आधारभूत संरचना का विकास, औद्योगिक विकास, किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार विस्तार से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। आज की बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें बेरोजगारी घटाने और युवाओं को त्वरित रोजगार अवसर देने पर केंद्रित बड़े फैसलों की उम्मीद है।
तीन नए प्रस्तावित विभागों में पहला होगा रोजगार सृजन विभाग, जो राज्य में उपलब्ध नौकरियों का विश्लेषण करेगा और युवाओं को नौकरी के अवसरों से जोड़ेगा। दूसरा विभाग होगा कौशल विकास विभाग, जो युवाओं के लिए तकनीकी और व्यवसायिक प्रशिक्षण की योजनाओं को लागू करेगा। तीसरा विभाग होगा उद्यमिता विभाग, जो स्टार्टअप और छोटे एवं मझोले उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देगा। इन विभागों के माध्यम से सरकार युवाओं को न केवल नौकरी देने बल्कि उन्हें स्वरोजगार और व्यवसाय शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में इस कदम से युवा वर्ग की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा और राज्य में औद्योगिक और व्यापारिक विकास को गति मिलेगी। उद्योग जगत और व्यापारिक संगठन भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि रोजगार, कौशल और उद्यमिता पर केंद्रित प्रशासनिक सुधार से राज्य में नए व्यवसायिक अवसर खुलेंगे और आर्थिक स्थिरता आएगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही कहा था कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होगी। नए विभागों के गठन से यह प्राथमिकता व्यवस्थित और योजनाबद्ध ढांचे में लागू होगी। इसके परिणामस्वरूप, अगले कुछ वर्षों में बिहार में 1 करोड़ नौकरियों और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकेंगे। बिहार में नई कैबिनेट बैठक और प्रस्तावित विभागों का गठन यह स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार युवाओं के लिए अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और बेरोजगारी कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।