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NEET Student Death Case: नीट छात्रा की मौत के बाद टूटी नींद ! CBI जांच के बीच बिहार के सभी गर्ल्स हॉस्टलों की जांच के आदेश, DM-SP को लिखा गया लेटर

पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बिहार सरकार और प्रशासन हरकत में आ गया है। राज्य के सभी महिला और बालिका छात्रावास, आवासन एवं आश्रय गृहों की व्यापक जांच का आदेश दिया गया है। इस संबंध में बिहार

NEET Student Death Case: नीट छात्रा की मौत के बाद टूटी नींद ! CBI जांच के बीच बिहार के सभी गर्ल्स हॉस्टलों की जांच के आदेश, DM-SP को लिखा गया लेटर

03-Feb-2026 07:31 AM

By First Bihar

NEET Student Death Case: पटना के एक निजी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बिहार सरकार और न्यायिक व्यवस्था हरकत में आ गई है। राज्यभर में संचालित सभी महिला और बालिका छात्रावास, आवासन गृह एवं आश्रय गृहों की व्यापक जांच का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में बिहार के महाधिवक्ता कार्यालय ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), सभी नौ प्रमंडलों के आयुक्तों के अलावा पटना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को औपचारिक पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।


महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी जिलों में संचालित महिला-बालिका हॉस्टल, छात्रावास, आवासन गृह और आश्रय गृहों को चिह्नित करते हुए उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए। इसके बाद महिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में महिला पुलिस पदाधिकारियों और अन्य महिला कर्मियों की विशेष टीम गठित कर इन सभी स्थलों की भौतिक जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं, प्रवेश-निकास की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, रजिस्टर संधारण, वार्डन की भूमिका और रह रही छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी।


निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


दरअसल, यह पूरा मामला पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत से जुड़ा है। छात्रा छह जनवरी को अपने हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी। गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया, लेकिन छात्रा के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए रेप और हत्या की आशंका जताई।


मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि सामने आई। इसके बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे। बढ़ते दबाव और गंभीर आरोपों को देखते हुए अंततः इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है।


इसी बीच, इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में भी एक याचिका दायर की गई, जिसमें राज्यभर के महिला-बालिका हॉस्टल और आश्रय गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। याचिका के संदर्भ में ही बिहार के महाधिवक्ता कार्यालय ने सभी जिलों में जांच कराने का निर्देश दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह जांच अभियान केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि इसे गंभीरता से लागू किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि राज्य में पढ़ाई या किसी अन्य कारण से बाहर रह रही छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तर पर नई गाइडलाइंस और सख्त नियम भी लागू किए जा सकते हैं।


कुल मिलाकर, नीट छात्रा की दर्दनाक मौत ने बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि यह व्यापक जांच और इसके बाद की कार्रवाई जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या इससे महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा वास्तव में सुनिश्चित हो पाती है या नहीं।