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26-Sep-2025 09:49 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है। जहां काज़ी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर वार्ड संख्या 8 में आज सुबह-सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। अहले सुबह हुए शॉर्ट सर्किट ने पूरे मोहल्ले की रौनक छीन ली। अचानक लगी भीषण आग ने देखते-देखते सब कुछ राख कर दिया। इस हादसे में 3 साल का मासूम बच्चा सहित 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से दो की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। सभी घायलों को आनन-फानन में नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि आसपास के लोगों में अफ़रातफ़री मच गई। ऐसे में परिवार के चीख़-पुकार के बीच मोहल्ले के लोग मदद के लिए जुटे, मगर आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि किसी के वश की बात नहीं रही। कुछ ही देर में लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। घर के सामान, ज़ेवरात और ज़रूरी कागज़ात तक राख में तब्दील हो गए।
आग इतनी तेज़ थी कि पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे, मगर लपटों ने उन्हें पास जाने का मौका नहीं दिया। घर के लोग चीखते-चिल्लाते रहे, और पड़ोसी बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन तब तक घर का अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। ज़ेवरात, कपड़े, ज़रूरी कागज़ात और लाखों रुपये की संपत्ति चंद मिनटों में खाक में बदल गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लोगों का कहना है कि अगर दमकल विभाग कुछ और देर से पहुंचता, तो आसपास के कई घर भी इसकी चपेट में आ जाते और हादसा और बड़ा रूप ले लेता।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। लोग स्तब्ध हैं और हर किसी के चेहरे पर खौफ साफ झलक रहा है। बच्चे रो रहे हैं, महिलाएं एक-दूसरे को ढांढस बंधा रही हैं, जबकि पुरुष लोग प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगा रहे हैं। कई लोग अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं कि अचानक सब कुछ कैसे राख हो गया।
पुलिस ने घटनास्थल का जायज़ा लिया है और फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। वहीं, घायलों के बेहतर इलाज के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बिजली की तारें काफी जर्जर हालत में हैं। कई बार बिजली विभाग को इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने आशंका जताई है कि इसी लापरवाही के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और इतनी बड़ी घटना घट गई। मोहल्लेवासी अब बिजली विभाग की जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर बिजली व्यवस्था की खामियों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। अगर समय रहते तारों की मरम्मत और नियमित जांच होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी। इस हादसे ने न सिर्फ़ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे मोहल्ले को दहशत और ग़म के साए में धकेल दिया है।
मुजफ्फरपुर की इस घटना ने साफ कर दिया है कि आग जैसी आपदाओं से बचाव के लिए सतर्कता और समय पर कार्रवाई बेहद ज़रूरी है। फ़िलहाल, पुलिस और प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए हैं, लेकिन इस हादसे ने लोगों को लंबे समय तक याद रहने वाला ज़ख्म दे दिया है।