कटिहार जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे जिले को शोक में डुबो दिया है। भारतीय सेना के समर्पित हवलदार उत्तम कुमार मंडल का निधन हो गया है। वे 2004 बैच के अनुभवी सैनिक थे और लगभग 21 वर्षों तक देश की सेवा में लगे रहे। उनकी देशभक्ति और त्याग की भावना सदैव याद की जाएगी।


यह दुखद घटना अमदाबाद प्रखंड के अंतर्गत आने वाली उत्तरी करिमुल्लापुर पंचायत के चामा छर्रामेरी गांव की है। हवलदार उत्तम कुमार मंडल की उम्र लगभग 40 वर्ष थी। वे पिता घनश्याम मंडल के पुत्र थे। वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तराखंड के देहरादून में थी।


सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर जांच में पता चला कि उनके सिर में ट्यूमर था। इसके बाद उन्हें सेना के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद 14 दिसंबर 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया।


गांव के लोग और परिवारजन भावुक हो उठे। माताजी बेसुध थीं, जबकि पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। शोकाकुल माहौल में गांव और आस-पास के लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हवलदार उत्तम कुमार मंडल के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उन्हें सेना के पूर्ण सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।


अंतिम संस्कार समारोह में एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष शंभू कुमार भी शामिल हुए और उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने “भारत माता की जय” के नारों के बीच उन्हें अंतिम सलामी दी।


हवलदार उत्तम कुमार मंडल की वीरता और देशभक्ति ने गांव और आसपास के युवाओं के लिए एक मिसाल कायम की है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके साहस और समर्पण की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।


इस घटना से कटिहार जिले में एक गहरा शोक व्याप्त है। सभी लोग उनके अदम्य साहस और निस्वार्थ देशभक्ति को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। हवलदार उत्तम कुमार मंडल का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनका योगदान हमेशा देश की सेवा और वीरता के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।