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01-Feb-2026 11:39 AM
By First Bihar
India Budget 2026 : देश से बड़ी रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर खबर सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे। इसमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग शामिल हैं। इसका उद्देश्य न केवल यात्रा समय को कम करना है बल्कि आर्थिक गतिविधियों और उद्योगों को भी तेजी से जोड़ना है।
बजट में यह भी बताया गया कि वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधा स्थापित की जाएगी, जिससे पूर्वी भारत में जलमार्ग और पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से उत्तर भारत में यातायात और व्यापार की गति में सुधार होगा।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में यह भी घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसका लक्ष्य बुनियादी ढांचे और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी के लिए 20 हजार करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्थायी विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 हजार गाइड्स की और हुनरमंद बनाने के लिए पायलट स्कीम का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत सरकार ने 20 पर्यटन स्थलों का चुनाव किया है। इसके तहत गाइड्स के हाइब्रिड मोड में 12 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात है कि इसके लिए सरकार ने प्रबंधन संस्थान से हाथ मिलाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि भारत में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) बनेंगे। साथ ही आयुष फार्मेसी बेहतर होंगी। इनके अलावा उच्च गुणवत्ता टेस्टिंग लैब का निर्माण होगा।
बजट में रेलवे, जलमार्ग और औद्योगिक क्षेत्रों पर जोर देना स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर और हरित विकास को प्राथमिकता दे रही है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न केवल यात्री सुविधा बढ़ाएंगे बल्कि भारत की आर्थिक गति को भी नई दिशा देंगे। इसके अलावा जहाज मरम्मत सुविधाएं और औद्योगिक निवेश से रोजगार सृजन और स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
यह बजट देश की आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता और आर्थिक विकास की रणनीति को स्पष्ट करता है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश से आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी। इस प्रकार, बजट 2026-27 में घोषित ये बड़े कदम यातायात, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण तीनों क्षेत्रों में देश के लिए नई संभावनाएं खोलेंगे।