Bihar Crime News: बिहार में नशीली दवाओं की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 1.48 लाख ट्रामाडोल टैबलेट जब्त; दो स्मगलर अरेस्ट

Bihar Crime News: पूर्वी चंपारण के सिकरहना अनुमंडल में एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ई-रिक्शा से 1.48 लाख प्रतिबंधित ट्रामाडोल टैबलेट बरामद हुआ है. इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 01 Feb 2026 01:29:11 PM IST

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Bihar Crime News: पूर्वी चंपारण जिले के सिकरहना अनुमंडल के सीमावर्ती क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। जमुनिया एसएसबी और झरौखर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गई है।


यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्र के अमावा गांव के पास की गई, जहां एक ई-रिक्शा से ट्रामाडोल की बड़ी खेप जब्त की गई। सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमा क्षेत्र के रास्ते नशीली दवाओं की तस्करी की जा रही है। 


सूचना के आधार पर जमुनिया एसएसबी और झरौखर पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर एक ई-रिक्शा को रोका। तलाशी के दौरान ई-रिक्शा से ट्रामाडोल-50 (हाइड्रोक्लोराइड) की कुल 495 पैकेट बरामद की गईं, जिनमें कुल 1,48,500 गोलियां पाई गईं। इस दौरान मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।


71वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट के अनुसार, गिरफ्तार तस्करों की पहचान मोतिहारी जिले के बसंतपुर गांव निवासी तापस कुमार और गुलशन कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने नशीली दवाओं की तस्करी में संलिप्तता स्वीकार की है।


एसएसबी ने बताया कि बरामद ट्रामाडोल टैबलेट मनोरोगी एवं निषिद्ध दवाओं की श्रेणी में आती हैं, जिनका अवैध कारोबार कानूनन गंभीर अपराध है। जब्त दवाओं और दोनों आरोपियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए झरौखर पुलिस थाना को सौंप दिया गया है।


वहीं, इस मामले पर जानकारी देते हुए सिकरहना एसडीपीओ ने बताया कि पूरे तस्करी नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र में इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए लगातार छानबीन की जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों से भी सघन पूछताछ जारी है।


बता दें कि एक सप्ताह पूर्व भी सैनिक रोड से भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवाएं बरामद की गई थीं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि सीमावर्ती इलाकों में नशीली दवाओं का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे तोड़ने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी