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14-Dec-2025 09:06 AM
By First Bihar
Delhi High Court : दिल्ली में शिक्षक भर्ती से जुड़े मामलों में बीएड (B.Ed) डिग्रीधारियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत अब बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थी न केवल टीजीटी (TGT) बल्कि पीजीटी (PGT) पदों के लिए भी पात्र माने जाएंगे। यह निर्णय विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए बड़ी उपलब्धि है जिन्होंने वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी की है और जिन्हें योग्यता को लेकर अस्पष्टता का सामना करना पड़ रहा था।
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ में हुई। इस दौरान दिल्ली सरकार और दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। इन याचिकाओं में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Central Administrative Tribunal) द्वारा पहले जारी आदेशों को चुनौती दी गई थी। सीएटी के आदेशों में यह स्पष्ट किया गया था कि B.Ed डिग्रीधारी उम्मीदवारों को टीजीटी और पीजीटी दोनों पदों के लिए पात्र माना जा सकता है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बीएड (स्पेशल एजुकेशन) और बीएड (जनरल) अलग-अलग योग्यताएं हैं और इसलिए सामान्य बीएड डिग्री धारकों को पीजीटी पदों के लिए योग्य नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और सीएटी के आदेशों को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि अगर किसी विज्ञापन में स्पष्ट रूप से योग्यता अलग नहीं बताई गई है, तो बीएड डिग्रीधारी उम्मीदवारों को टीजीटी और पीजीटी दोनों पदों के लिए पात्र माना जाएगा।
इस फैसले से बीएड छात्रों और शिक्षक बनने की दिशा में प्रयास कर रहे युवाओं में खुशी की लहर है। पिछले कई वर्षों से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्रीधारियों के लिए योग्यता संबंधी विवाद चल रहे थे। कभी यह कहा जाता था कि सामान्य बीएड धारक केवल टीजीटी पद के लिए ही योग्य हैं, जबकि पीजीटी पदों के लिए उन्हें मान्यता नहीं है। वहीं, कुछ मामलों में स्पेशल एजुकेशन की बीएड को अलग मानते हुए केवल वही उम्मीदवार पीजीटी पदों के लिए पात्र माने जाते थे।
शिक्षक बनने की चाह रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। अब वे दोनों पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे उनकी करियर संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके अलावा, इस फैसले से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर अनावश्यक असमंजस का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा पिछले वर्षों में जारी विज्ञापनों में बीएड योग्यता को लेकर भ्रम की स्थिति थी। कई उम्मीदवारों ने आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि क्या उनकी डिग्री टीजीटी और पीजीटी दोनों पदों के लिए मान्य है। अब दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बीएड डिग्रीधारक दोनों पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे उम्मीदवारों को शिक्षक बनने की दिशा में समान अवसर मिलेंगे और योग्य प्रतिभा को रोजगार पाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में समानता और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।
इस मामले ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि योग्यता को लेकर अस्पष्ट या भेदभावपूर्ण नियम छात्रों और उम्मीदवारों के हित में नहीं होते। अदालत ने सटीक और स्पष्ट आदेश जारी कर यह सुनिश्चित किया कि योग्य उम्मीदवारों को उनके हक से वंचित नहीं किया जाए। इस फैसले के बाद कई छात्र जो टीजीटी या पीजीटी पदों के लिए आवेदन करने से पहले हिचकिचा रहे थे, अब निश्चिंत होकर आवेदन कर सकेंगे।
इस फैसले के बाद बीएड डिग्रीधारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अधिक उम्मीदवार भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में न्याय और समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
संक्षेप में, दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला बीएड डिग्रीधारकों के लिए नई राह खोलता है। अब वे टीजीटी और पीजीटी दोनों पदों के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। इस फैसले से उम्मीदवारों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा, और यह शिक्षा क्षेत्र में योग्य और प्रशिक्षित व्यक्तियों की नियुक्ति को सुनिश्चित करेगा।