Bihar Government Scheme : बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोज़गार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में महिला रोजगार योजना पोर्टल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य सरकार हर महिला को 10,000 रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है, ताकि वे छोटे स्तर पर ही सही, लेकिन अपना रोजगार शुरू कर सकें। सरकार का मकसद है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों और परिवार की आय में योगदान कर सकें।
हालांकि योजना की शुरुआत होते ही इसमें एक बड़ी चुनौती भी सामने आ गई है। साइबर अपराधी अब इस योजना का गलत फायदा उठाने लगे हैं। ठग गिरोह महिलाओं को फोन करके या लिंक भेजकर उनके बैंक विवरण और निजी जानकारी हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
महिला रोजगार योजना के तहत सरकार की यह चाहत है कि महिलाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक सहयोग देना। ऐसे में पात्र महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये उनके बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी। योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन लेना शुरू कर दिया गया है। इच्छुक महिलाएं आवश्यक दस्तावेज़ जमा करके इसमें हिस्सा ले सकती हैं। राज्य की लाखों महिलाओं को इस योजना से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
योजना की घोषणा के साथ ही साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। कई जिलों में ऐसी शिकायतें आई हैं कि अज्ञात कॉलर्स महिलाओं को फोन कर यह दावा कर रहे हैं कि वे सरकारी अधिकारी या बैंक प्रतिनिधि हैं। महिलाओं को कहा जा रहा है कि उनके ऋण स्वीकृत हो चुके हैं। व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।
लिंक पर क्लिक करके आवेदन करने को कहा जा रहा है, जिसके बाद महिलाओं से उनका आधार नंबर, बैंक अकाउंट और ओटीपी मांगा जाता है। कई मामलों में इन ठगों ने महिलाओं के खाते से पैसे उड़ा लिए हैं। यह गिरोह योजना की लोकप्रियता का फायदा उठाकर भोली-भाली महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है।
योजना की निगरानी कर रही जीविका (JEEViKA) की ओर से सभी महिलाओं को सतर्क रहने की अपील की गई है। जीविका से जुड़े अधिकारियों ने साफ कहा है कि योजना से संबंधित कोई भी ऑफिशियल लिंक सिर्फ सरकार के पोर्टल पर ही उपलब्ध होगा। किसी भी तरह के कॉल, मैसेज या अनजान लिंक पर भरोसा न करें।
इसके साथ ही हर जिले और प्रखंड स्तर पर कंट्रोल रूम नंबर जारी किए गए हैं, ताकि अगर किसी महिला के साथ धोखाधड़ी की कोशिश हो, तो वह तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करा सके। सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर ही आवेदन करें। किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। अपना आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल या ओटीपी किसी को साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध लिंक या मैसेज मिले तो तुरंत नज़दीकी जीविका कार्यालय या कंट्रोल रूम को सूचित करें। शिकायत करने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां महिलाओं के पास रोजगार के सीमित साधन हैं, वहां यह 10,000 रुपये की आर्थिक मदद एक नई शुरुआत हो सकती है। छोटे स्तर पर ही सही, लेकिन महिलाएं इससे सिलाई, कुटीर उद्योग, दुकानदारी, ब्यूटी पार्लर या अन्य स्वरोज़गार शुरू कर सकती हैं। योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान दिलाना भी है।