ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: ट्यूशन टीचर की निर्मम हत्या, मक्के के खेत में मिला खून से सना शव Bihar Crime News: ट्यूशन टीचर की निर्मम हत्या, मक्के के खेत में मिला खून से सना शव बिहार के इन 6 रेलवे स्टेशनों को मिला जंक्शन का दर्जा, इस दिन से होगा प्रभावी; होंगे यह बड़े फायदे बिहार के इन 6 रेलवे स्टेशनों को मिला जंक्शन का दर्जा, इस दिन से होगा प्रभावी; होंगे यह बड़े फायदे मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: इंडिगो ने बढ़ाया फ्लाइट का किराया, नई दरें रात 12 बजे से लागू मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: इंडिगो ने बढ़ाया फ्लाइट का किराया, नई दरें रात 12 बजे से लागू शराब के नशे में सरकारी शिक्षक ने पार की सारी हदें, आर्केस्ट्रा गर्ल के साथ अश्लील हरकत करते वीडियो वायरल; DEO ने दिए जांच के आदेश पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी, देशभर के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18,640 करोड़ ट्रांसफर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी, देशभर के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18,640 करोड़ ट्रांसफर बदल जाएगी पटना के जेपी गंगा पथ की सूरत, बनेंगी 50 आधुनिक प्रीफैब्रिकेटेड दुकानें; दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य

Bihar officers meeting : Bihar में आज से लागू हुआ नया सिस्टम, सप्ताह में दो दिन अफसरों से होगी फेस टू फेस बात; जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया

बिहार में आज से नया सिस्टम लागू, हर सोमवार और शुक्रवार आम लोग अफसरों से सीधे मिलकर शिकायत रख सकेंगे। शिकायत रजिस्टर में दर्ज होगी और समाधान की मॉनिटरिंग होगी।

19-Jan-2026 09:59 AM

By First Bihar

Bihar officers meeting : बिहार में आज से एक नया सिस्टम लागू हो गया है, जिसमें सरकार ने आम लोगों और अफसरों के बीच सीधी फेस-टू-फेस बातचीत का रास्ता खोल दिया है। अब हर हफ्ते सोमवार और शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों में आम जनता को अधिकारियों से मिलने का मौका मिलेगा। इसका उद्देश्य यह है कि लोग अपने समस्याओं को सीधे अफसरों के सामने रख सकें और उनका समाधान तेजी से हो सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना की घोषणा शनिवार को की थी, और इसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए।


क्या है इस नए सिस्टम की खास बात?

इस नए सिस्टम के तहत बिहार के सभी सरकारी कार्यालयों में हर सोमवार और शुक्रवार को जनता के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर के सभी कार्यालय शामिल होंगे। जनता संबंधित पदाधिकारी से उनके कार्यालय में जाकर अपनी समस्याएं सीधे बता सकेगी। इससे लोगों को लंबी-लंबी प्रक्रियाओं और अधिकारियों तक पहुंचने में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।


शिकायतों का रजिस्टर और मॉनिटरिंग

इस प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए, आफिस में आने वाले लोगों की शिकायतों को शिकायत रजिस्टर में नोट किया जाएगा। यानी हर शिकायत का रिकॉर्ड बनेगा। साथ ही, इन शिकायतों के निपटारे की लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी ताकि कोई भी शिकायत अनदेखी न रहे। इस तरह यह व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे का माध्यम बनेगी और सरकारी सिस्टम में जवाबदेही भी बढ़ेगी।


जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी

सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों की सुविधा का भी खास ध्यान रखा गया है। इन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, और टॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे जनता को लंबे समय तक इंतजार करने में कम परेशानी होगी और उनकी बैठक भी आरामदायक होगी।


अगर अफसर ऑफिस में नहीं होंगे तो क्या होगा?

कई बार अफसर किसी जरूरी कारण से ऑफिस में नहीं रहते। ऐसे में भी लोगों की शिकायतें सुनने का काम बाधित नहीं होगा। अगर अधिकारी सोमवार या शुक्रवार को उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनकी जगह कोई ऑथोराइज्ड अधिकारी लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के लिए आगे की कार्रवाई करेंगे। इससे सिस्टम में निरंतरता बनी रहेगी और लोगों को निराशा नहीं होगी।


सचिवालय में मिलने के लिए पास जरूरी

इस व्यवस्था में सचिवालय में अधिकारियों से मिलने के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। सभी मुख्य प्रवेश द्वार पर गेट पास बनवाना होगा। साथ ही, विभाग के अपर मुख्य सचिव से मिलने के समय भी निर्धारित किया गया है। सोमवार को लोग अपर मुख्य सचिव से दोपहर 4 बजे से 5 बजे तक मिल सकते हैं, जबकि शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुलाकात की जा सकेगी। यह समय सुनिश्चित करता है कि लोग बिना परेशानी के अफसरों से मिल सकें और उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी हो।


यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है?

यह नई व्यवस्था बिहार में प्रशासन और जनता के बीच एक नया पुल बनाने जैसा है। कई बार लोग अपने मुद्दों को लेकर अधिकारियों तक पहुंच नहीं पाते या उनके मुद्दे लम्बे समय तक लंबित रह जाते हैं। इस नए सिस्टम से:जनता को सीधे अधिकारियों तक पहुंच मिलती है,शिकायतों का रिकॉर्ड बनता है,समस्याओं का समाधान जल्दी होता है ,सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। 


इस तरह, बिहार सरकार ने जनता की सुविधा और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज से लागू इस सिस्टम से आम लोगों को अपने समस्याओं का समाधान सीधे अफसरों से मिलने पर मिलेगा, जिससे शासन-प्रशासन में एक नई सकारात्मक शुरुआत होगी।