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चनपटिया से मनीष कश्यप ने जनसुराज से किया नामांकन, कहा..गरीबों का दर्द जानता हूं, क्योकि गरीब का बेटा हूं

चनपटिया विधानसभा सीट से यूट्यूबर मनीष कश्यप ने जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। उन्होंने भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था को सुधारने का वादा किया और जनता के समर्थन का आह्वान किया।

18-Oct-2025 07:34 PM

By First Bihar

चनपटिया से मनीष कश्यप ने जनसुराज से किया नामांकन, कहा..गरीबों का दर्द जानता हूं, क्योकि गरीब का बेटा हूं

BETTIAH: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को चनपटिया विधानसभा क्षेत्र से यूट्यूबर मनीष कश्यप ने जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि जनता का साथ मिला तो क्षेत्र की हर समस्या को जड़ से खत्म कर दूंगा। 


उन्होंने कहा, “मैं एक यूट्यूबर हूं, गरीब का बेटा हूं और गरीबों की पीड़ा को भलीभांति समझता हूं। सात दिनों के अंदर ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करूंगा, वहीं एक महीने के भीतर अस्पताल की कुव्यवस्था को दुरुस्त करूंगा।”


मनीष कश्यप ने नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “जो सांसदों या बड़े घरानों के बेटे हैं, उन्हें आम जनता की तकलीफों का एहसास नहीं होता। मैं खुद गरीबी से निकला हूं, इसलिए लोगों के दुख-दर्द को समझ सकता हूं। विधायक बनने के बाद मैं जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान करूंगा।”


नामांकन के दौरान उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। जनसुराज कार्यकर्ताओं ने ‘मनीष कश्यप जिंदाबाद’ और ‘जनता का नेता कैसा हो, मनीष कश्यप जैसा हो’ के नारे लगाए। क्षेत्र में उनके नामांकन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।


वही शहर के जाने-माने व्यवसायी एवं वार्ड संख्या 17 के पार्षद रोहित शिकारिया ने शनिवार को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे माहौल में जोश देखने को मिला। रोहित शिकारिया की पत्नी गरिमा देवी सिकारिया बेतिया नगर निगम की महापौर हैं। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे बेतिया के विकास और जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा, “मैं बेतिया का बेटा हूं और यहां के विकास के लिए काम करना मेरा दायित्व है। मेरी पत्नी नगर की महापौर हैं, और अगर जनता ने मुझे विधायक बनने का अवसर दिया तो हम दोनों मिलकर बेतिया को एक मॉडल सिटी बनाएंगे।”


रोहित शिकारिया वर्ष 2022 में वार्ड पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर में जलजमाव, सड़क और सफाई व्यवस्था जैसी स्थानीय समस्याओं को उठाया, जिसके कारण वे जनता के बीच एक सक्रिय और जमीनी नेता के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनके निर्दलीय मैदान में उतरने से बेतिया विधानसभा में इस बार का मुकाबला और अधिक त्रिकोणीय होता दिख रहा है। इस सीट से भाजपा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से भी उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में रोहित शिकारिया का चुनाव लड़ना एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।


स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि रोहित शिकारिया का व्यापारिक पृष्ठभूमि और पार्षद के रूप में मिला अनुभव उन्हें जनता से जोड़ने में मदद करेगा। वहीं, उनकी पत्नी के नगर की पहली नागरिक होने के नाते उन्हें शहरी मतदाताओं में अतिरिक्त बढ़त मिल सकती है। अब देखना होगा कि व्यवसायी से नेता बने रोहित शिकारिया क्या बेतिया की राजनीति में नई कहानी लिख पाते हैं या नहीं।

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बेतिया से संतोष की रिपोर्ट