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26-Sep-2025 08:32 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बड़ी राशि लाभार्थियों के खातों में शुक्रवार, 26 सितंबर से ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना की पहली किस्त के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य की लगभग 75 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजेंगे, जो कुल 7500 करोड़ रुपये बनती है। प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुबह 11 बजे जुड़ेंगे।
सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्व-रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 10 हजार रुपये मिलने के बाद महिलाएं अपने व्यवसाय की शुरुआत करेंगी। इसके बाद 6 महीने के भीतर इस योजना का आकलन किया जाएगा और सफल लाभार्थियों को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।
यह योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकलुभावन घोषणाओं का हिस्सा है, जिसे उन्होंने पिछले महीने ही लॉन्च किया था। आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हुई और अब तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की 1 करोड़ से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 75 लाख महिलाओं को इस पहली किस्त के तहत राशि मिलेगी।
अन्य लाभार्थियों को भी आगामी चरणों में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से पहले ही यह राशि लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी, ताकि योजना की प्रभावशीलता और जनसंपर्क में वृद्धि हो सके। हालांकि सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि यह योजना चुनावी रेवड़ी नहीं बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार देने और रोजगार पैदा करने वाली बनाना इसका उद्देश्य है।
यानी, महिलाएं स्वयं व्यवसाय शुरू करके न केवल अपने परिवार की आय बढ़ाएंगी, बल्कि अन्य महिलाओं और युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी। गौरतलब है कि इस योजना के तहत राशि ट्रांसफर की तारीख पहले 22 सितंबर निर्धारित की गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसे 26 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया। पटना समेत सभी जिलों में इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी महिलाएं भी भाग लेंगी।
इस योजना को राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू हुई तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।