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21-Oct-2025 07:18 AM
By First Bihar
Bihar Weather: दिवाली की अगली सुबह बिहार के आसमान में प्रदुषण का असर साफ़ नज़र आ रहा। पटना में घनी धुंध की परत ने तो सांस लेना तक मुश्किल कर दिया है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर पहुंच गया है। आतिशबाजी के कारण PM2.5 और PM10 के कण हवा में भारी मात्रा में मौजूद हैं और ये अब सुबह की ठंडक के साथ मिलकर जबरदस्त स्मॉग बना रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार महज 2-3 किमी/घंटा रह गई है, जिससे प्रदूषक कण जमीन के करीब फंसे हुए हैं। गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में भी AQI 250 के आसपास है, जबकि हाजीपुर में तो 304 तक दर्ज हुआ, यह 'सीवियर' कैटेगरी में आता है, इस वजह से सांस की बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।
यह प्रदूषण का पीक सिर्फ दिवाली का असर नहीं, बल्कि धीमी हवाओं और शुष्क मौसम की देन भी है। IMD की रिपोर्ट कहती है कि अगले 48 घंटों में हवा में सुधार मुश्किल है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ अभी सक्रिय नहीं हुआ। पटना का न्यूनतम तापमान 24.7°C और अधिकतम 33.8°C रहा।
ठंड की दस्तक नवंबर तक टल सकती है। वाल्मीकिनगर में मिनिमम 20.4°C दर्ज हुआ, लेकिन राज्यव्यापी तापमान 21-31°C के दायरे में रहेगा। विशेषज्ञ चेताते हैं कि यह स्मॉग न सिर्फ आंखों में जलन पैदा कर रहा, बल्कि फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और खतरनाक है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से साफ है कि बिहार के 19 जिलों में हवा 'मॉडरेट टू पूर' रेंज में है और पटना जैसे शहरी इलाकों में यह सबसे ज्यादा खराब है। दिवाली की रात फायरक्रैकर्स से निकला धुआं अब सुबह की नमी से चिपक गया, जिससे विजिबिलिटी घटकर 500 मीटर तक रह गई। भागलपुर और दरभंगा में AQI 200 के पार है, जहां स्थानीय लोग घरों में कैद हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की सलाह मानें तो प्रदूषण से बचाव ही एकमात्र रास्ता है। सुबह-शाम की वॉक टालें, N95 मास्क पहनें और घर में एयर प्यूरीफायर चालू रखें। ज्यादा सांस फूलने या खांसी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।