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05-Feb-2026 02:44 PM
By First Bihar
बिहार विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को काफी गरमाया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस बीच सबसे ज्यादा ध्यान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद के नेता तेजस्वी यादव के बीच हुए संवाद पर गया।
मामला उस समय शुरू हुआ जब विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य में जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है। इसके बाद नेता सदन तेजस्वी यादव ने कहा, “अरे आप लोग सुनिए, आप लोगों ने कभी कोई काम किए हैं? सबका सुनिए, आप लोग झूठ बोलते हैं।” उनका यह बयान पूरे सदन में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार ने जनता के विश्वास को ठेस पहुँचाई है और सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव की इस नसीहत के बाद सदन में गर्मजोशी बढ़ गई। विपक्ष के सदस्यों ने भी अपनी-अपनी राय रखनी शुरू कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ध्यानपूर्वक तेजस्वी यादव की ओर देखा और इशारों में उन्हें शांत होने और अपनी सीट पर बैठने का संकेत दिया। इस इशारे को तेजस्वी यादव ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और तुरंत अपनी जगह पर लौट गए।
यह घटना बिहार विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच मौजूदा तनाव को दर्शाती है। तेजस्वी यादव ने जहां सरकार की आलोचना की, वहीं मुख्यमंत्री ने संयम और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। यह घटना यह भी दर्शाती है कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी विपक्ष अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटता।
अंततः, यह घटना बिहार विधानसभा में विपक्ष और सरकार के बीच संतुलन और लोकतांत्रिक बहस की प्रक्रिया को उजागर करती है। तेजस्वी यादव ने जहां सरकार को कठोर शब्दों में चुनौती दी, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयमित और प्रभावशाली ढंग से इसे नियंत्रित किया।
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