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05-Dec-2025 01:05 PM
By First Bihar
बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान इस बार नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह खास महत्व रखता है। शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में नए सदस्यों को शपथ दिलाना पारंपरिक तौर पर पहले सत्र में ही किया जाता है ताकि वे सदन की कार्यवाही में पूरी तरह भाग ले सकें। इस बार शपथ ग्रहण समारोह दो दिनों तक आयोजित किया गया था।
पहले दिन कुल पांच विधायकों ने शपथ ग्रहण नहीं किया था, जिसके बाद उन्हें दूसरे दिन शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया। दूसरी बार के आयोजन में भी दो विधायक शपथ लेने नहीं पहुंचे। इसके बाद आज विधानसभा शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन एक विधायक अमरेंद्र पांडे ने शपथ ग्रहण किया और उन्हें विधानसभा स्पीकर के कक्ष में विधिवत शपथ दिलवाई गई।
अमरेंद्र पांडे कुचायकोट विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर इस बार सदन में पहुंचे हैं। उनके शपथ ग्रहण का मामला विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि नए निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण सदन में उनकी सदस्यता सुनिश्चित करने और विधानसभा कार्यों में भागीदारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस प्रक्रिया के लिए विधानसभा ने दो दिनों का समय निर्धारित किया था, ताकि सभी नए सदस्य बिना किसी बाधा के शपथ ले सकें।
जानकारी के अनुसार, अमरेंद्र पांडे पहले निर्धारित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे। इसका मुख्य कारण उनके परिवार की निजी स्थिति थी। बताया जा रहा है कि उनके भतीजे की तबीयत खराब थी और वह अस्पताल में भर्ती थे। ऐसे में अमरेंद्र पांडे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाए। परिवार की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पहले दिन और दूसरे दिन शपथ नहीं ली।
हालांकि, अब उनकी भतीजे की तबीयत में थोड़ी सुधार आई है और इस कारण उन्होंने विधानसभा पहुंचकर आज अपनी शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की। विधानसभा स्पीकर के कक्ष में उन्हें विधिवत शपथ दिलाई गई। इस प्रकार, कुचायकोट से अमरेंद्र पांडे का सदस्य बनना सुनिश्चित हो गया है और अब वे आगामी विधानसभा कार्यों में हिस्सा ले सकेंगे।
बिहार विधानसभा में नए विधायकों का शपथ ग्रहण सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उनके लिए सदस्यता की कानूनी मान्यता और विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाने का अधिकार सुनिश्चित करता है। शपथ ग्रहण के दौरान विधायकों को संविधान की शपथ दिलाई जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन निष्पक्ष और ईमानदारी के साथ करेंगे तथा संविधान के प्रति वफादार रहेंगे। अमरेंद्र पांडे ने भी इस शपथ के अनुसार अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लिया।
अमरेंद्र पांडे के शपथ ग्रहण के बाद अब कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के लोग अपने निर्वाचित प्रतिनिधि के माध्यम से विधानसभा में आवाज उठाने और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को उठाने में सक्षम होंगे। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
इस प्रकार, बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अमरेंद्र पांडे का शपथ ग्रहण एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में दर्ज की जाएगी। यह न केवल नए विधायकों की भागीदारी सुनिश्चित करता है, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू और निष्पक्ष बनाए रखने में भी सहायक होता है। नए विधायकों का सक्रिय योगदान राज्य की राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के लिए आवश्यक है।