Bihar-budget: पंच-संकल्प के साथ विकसित बिहार की ओर सशक्त कदम, पूर्व उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा बोले- यह बजट आर्थिक-सामाजिक विकास का स्पष्ट रोडमैप है बिहार के किसानों को बड़ी राहत: पीएम किसान के साथ अब कर्पूरी सम्मान निधि योजना का मिलेगा लाभ, साल में मिलेंगे इतने रुपये बिहार के किसानों को बड़ी राहत: पीएम किसान के साथ अब कर्पूरी सम्मान निधि योजना का मिलेगा लाभ, साल में मिलेंगे इतने रुपये रेलवे फाटक बंद रहने से भड़के लोग, कार्यालय में तोड़फोड़ और गेटमैन के साथ की मारपीट लाल सूटकेस में महिला का शव मिलने का खुलासा, पति निकला कातिल T20 World Cup: बिहार के क्रिकेटर शोएब खान का UAE की टीम में चयन, टी20 वर्ल्ड कप में दिखाएंगे दम T20 World Cup: बिहार के क्रिकेटर शोएब खान का UAE की टीम में चयन, टी20 वर्ल्ड कप में दिखाएंगे दम Bihar Bhumi: बि्हार के सभी CO पर और कसा नकेल ! दाखिल-खारिज केस को ‘सक्षम न्यायालय’ और ‘लंबित’ बताकर 'अटकाने' का खेल नहीं चलेगा, प्रधान सचिव ने सभी सीओ को बताया- ''राजस्व कार्यवाही कब रुकेगी...कब नहीं'' Bihar Sports Budget 2026: विश्व स्तरीय खेलों का केंद्र बनेगा बिहार, पंचायत स्तर पर खेल क्लबों का होगा गठन, नीतीश सरकार का बड़ा लक्ष्य Bihar Sports Budget 2026: विश्व स्तरीय खेलों का केंद्र बनेगा बिहार, पंचायत स्तर पर खेल क्लबों का होगा गठन, नीतीश सरकार का बड़ा लक्ष्य
05-Dec-2025 11:50 AM
By First Bihar
Bihar Legislative Council : बिहार विधान परिषद के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन है। आज जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो प्रमुख विपक्षी दल की नेता राबड़ी देवी सदन में अनुपस्थित रहीं। उनकी गैरमौजूदगी पर सदन में हलचल रही, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी नेतृत्व किसी महत्वपूर्ण सत्र में उपस्थित नहीं हुआ। राबड़ी देवी की अनुपस्थिति के बाद सदन में विपक्षी दल के अन्य सदस्य भी काफी हद तक गायब दिखे, जिससे चर्चा का विषय बन गया कि विपक्षी दल इस सत्र में किन कारणों से सक्रिय नहीं हो रहा।
वहीं, विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्षी दल की कमी का फायदा उठाते हुए सत्ता पक्ष ने अपना एजेंडा तेजी से आगे बढ़ाया। ऐसे में विपक्षी दल के कुछ एमएलसी अपनी बात रखने के दौरान फंसते हुए नजर आए। राजद के एक एमएलसी ने सदन में अपनी बात रखते समय सवालों और तर्कों में उलझन दिखाई, जो सदन में मौजूद अन्य सदस्यों और मीडिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। इस घटना ने विपक्षी दल की तैयारी और रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए।
सदन की कार्यवाही के दौरान राजद के एमएलसी जब अपनी बात रख रहे थे, तो कुछ मुद्दों पर वे स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए। इससे साफ संकेत मिलता है कि विपक्षी दल के लिए रणनीति की कमी इस सत्र में उनकी कमजोर स्थिति का प्रमुख कारण बन रही है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और बजट पर चर्चा हो रही थी, जिनमें विपक्षी दल की ओर से सवाल उठाए जाने की उम्मीद थी। लेकिन राबड़ी देवी और अन्य विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण चर्चा अपेक्षित तीव्रता नहीं दिखा सकी। सत्ता पक्ष ने अपने एजेंडा को बिना बाधा के आगे बढ़ाया, और कई महत्वपूर्ण निर्णय तेजी से लिए गए।
बिहार विधान परिषद का यह शीतकालीन सत्र विपक्ष के लिए कई सवाल छोड़ गया है। राबड़ी देवी की अनुपस्थिति और राजद के एमएलसी की फंसी हुई स्थिति ने सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाया, और विपक्षी दल की रणनीति की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सत्र ने यह भी दर्शाया कि भविष्य में विपक्ष को अधिक संगठित और तैयार होकर सत्रों में भाग लेना होगा, ताकि वे सत्ता पक्ष के हर निर्णय पर प्रभावी विरोध कर सकें।