बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त: सारण में कई वाहन जब्त, 75.65 लाख का जुर्माना राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत: होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल विजय सिन्हा की चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आ रहे राजस्व कर्मी, नीतीश के गृह जिले में 45 हजार घूस लेते निगरानी ने दबोचा Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश शिवहर में डकैती कांड का खुलासा: लूटे गये सामान के साथ दो अपराधी गिरफ्तार Bihar Railway Project: बिहार के इस रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन का रास्ता साफ, 17 हजार करोड़ की परियोजना; पहले चरण को मिली मंजूरी Bihar Railway Project: बिहार के इस रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन का रास्ता साफ, 17 हजार करोड़ की परियोजना; पहले चरण को मिली मंजूरी
02-Dec-2025 03:54 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Teacher News: सुपौल और कटिहार जिलों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी में अनियमितताएं सामने आई हैं। सुपौल में 111 और कटिहार में 142 शिक्षकों ने ई-शिक्षा कोष ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की, जिसके चलते उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने समय पर जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षा कोष ऐप के माध्यम से हाजिरी अनिवार्य की गई है। लेकिन ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था के बावजूद कुछ शिक्षक अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
सुपौल के सदर प्रखंड में 27 नवंबर को ऑनलाइन हाजिरी की जांच के दौरान यह पाया गया कि 111 शिक्षकों ने हाजिरी दर्ज नहीं की थी। बीईओ ने सभी शिक्षकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुबह 9:30 बजे तक हाजिरी और शाम 4 बजे तक आउट करना सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है।
कटिहार के प्राणपुर में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अनुपस्थित पाए गए 142 शिक्षकों से बीडीओ सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीषा कुमारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पोर्टल पर लोड हो रहे डाटा का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें 27 नवंबर को कुल 142 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं होने की पुष्टि हुई।
विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना है और निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामला उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।