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10-Sep-2025 07:12 AM
By First Bihar
Bihar Teacher News: बिहार में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक कार्यरत विभिन्न कोटियों के लगभग छह लाख शिक्षकों की वरियता का निर्धारण जल्द किया जाएगा। इस दिशा में शिक्षा विभाग ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला करेंगी। यह कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपेगी, जिस पर आधारित होकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
यह निर्णय मंगलवार को शिक्षा विभाग के सचिव सह माध्यमिक शिक्षा निदेशक दिनेश कुमार द्वारा जारी आदेश में लिया गया। आदेश के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विद्यालयों में स्थानीय निकाय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, बीपीएससी से चयनित विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक, और प्रधानाध्यापक के रूप में विभिन्न संवर्गों में शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक समय के साथ संवर्गों के बीच स्थानांतरित हुए हैं या पदोन्नत हुए हैं, जिससे सेवा की निरंतरता, वेतन संरक्षण, पदोन्नति, वेतन विसंगति, और वरियता निर्धारण को लेकर कई तरह के विवाद उत्पन्न हो गए हैं।
स्थानीय निकाय से नियुक्त शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा पास करने के बाद विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, बीते दो वर्षों में बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) द्वारा चयनित 2.33 लाख विद्यालय अध्यापक नियुक्त किए गए हैं, जो स्वयं को अधिक वरीय मानते हैं। इस वजह से विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों के बीच वरीयता को लेकर सर्वाधिक विवाद उत्पन्न हुआ है।
वरियता संबंधी विवाद सिर्फ वेतन या पदोन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्कूलों के प्रशासनिक प्रबंधन को भी प्रभावित कर रहा है। विशेषकर उन विद्यालयों में जहां स्थायी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति के लिए वरियता निर्धारण आवश्यक है। ऐसे मामलों में विभिन्न कोटि के शिक्षकों की आपसी वरीयता स्पष्ट नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
समस्या के समाधान के लिए गठित कमेटी विभिन्न कोटियों के शिक्षकों की नियुक्ति नियमावलियों, जैसे कि शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की नियमावली का गहराई से अध्ययन करेगी। कमेटी का उद्देश्य एक व्यवस्थित, पारदर्शी और न्यायसंगत वरीयता निर्धारण प्रणाली विकसित करना है, जिसमें सेवा निरंतरता, वेतन संरक्षण, और अन्य कारकों को सम्मिलित किया जाएगा।
कमेटी आवश्यकतानुसार विधि विशेषज्ञों, शिक्षक संगठनों, तथा विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों से परामर्श ले सकती है। इस पहल से राज्य के शिक्षा तंत्र में एकरूपता आएगी और लंबित विवादों का स्थायी समाधान निकलेगा। कमेटी में शामिल अधिकारी अध्यक्ष साहिला, परामर्शी पंकज कुमार, निदेशक मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव अमरेश कुमार मिश्र, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अमित कुमार, उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा संजय कुमार चौधरी, उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा अब्दुस सलाम अंसारी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार संजय कुमार सिंह और जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार है।
शिक्षा विभाग द्वारा गठित यह कमेटी न केवल वरियता विवादों का समाधान करेगी, बल्कि राज्य के शिक्षकों को स्थायित्व और पारदर्शिता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी। इससे शिक्षकों के बीच की असमानताएं दूर होंगी और स्कूलों में प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जा सकेगी।