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07-Dec-2025 04:02 PM
By FIRST BIHAR
Patna News: बिहार में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेयरी प्लांट का और विस्तार किया जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन समितियों का विस्तार करने, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उत्पादन इकाइयों, आइसक्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम और अन्य सेक्शनों का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक भी की, जिसमें डेयरी सेक्टर के समग्र विकास और विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, विस्तार योजना और दुग्ध उत्पादकों से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राज्य में ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से अधिक है, जिनसे 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हैं। इनमें लगभग 25 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कॉम्फेड के खुदरा विक्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 37 हजार हो गई है, जिनमें 914 होल-डे-मिल्क बूथ शामिल हैं। सुधा के उत्पाद अब बिहार, झारखंड, दिल्ली, कोलकाता और पूर्वोत्तर राज्यों में उपलब्ध हैं। नालंदा डेयरी परियोजना में UHT प्लांट के माध्यम से कॉम्फेड देश के विभिन्न हिस्सों में दूध की आपूर्ति कर रही है।
वर्ष 2025 में कॉम्फेड ने वैश्विक स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा निर्यात किए। मुख्यमंत्री का यह दौरा डेयरी सेक्टर में बड़े बदलावों और विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।