Bihar-budget: पंच-संकल्प के साथ विकसित बिहार की ओर सशक्त कदम, पूर्व उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा बोले- यह बजट आर्थिक-सामाजिक विकास का स्पष्ट रोडमैप है बिहार के किसानों को बड़ी राहत: पीएम किसान के साथ अब कर्पूरी सम्मान निधि योजना का मिलेगा लाभ, साल में मिलेंगे इतने रुपये बिहार के किसानों को बड़ी राहत: पीएम किसान के साथ अब कर्पूरी सम्मान निधि योजना का मिलेगा लाभ, साल में मिलेंगे इतने रुपये रेलवे फाटक बंद रहने से भड़के लोग, कार्यालय में तोड़फोड़ और गेटमैन के साथ की मारपीट लाल सूटकेस में महिला का शव मिलने का खुलासा, पति निकला कातिल T20 World Cup: बिहार के क्रिकेटर शोएब खान का UAE की टीम में चयन, टी20 वर्ल्ड कप में दिखाएंगे दम T20 World Cup: बिहार के क्रिकेटर शोएब खान का UAE की टीम में चयन, टी20 वर्ल्ड कप में दिखाएंगे दम Bihar Bhumi: बि्हार के सभी CO पर और कसा नकेल ! दाखिल-खारिज केस को ‘सक्षम न्यायालय’ और ‘लंबित’ बताकर 'अटकाने' का खेल नहीं चलेगा, प्रधान सचिव ने सभी सीओ को बताया- ''राजस्व कार्यवाही कब रुकेगी...कब नहीं'' Bihar Sports Budget 2026: विश्व स्तरीय खेलों का केंद्र बनेगा बिहार, पंचायत स्तर पर खेल क्लबों का होगा गठन, नीतीश सरकार का बड़ा लक्ष्य Bihar Sports Budget 2026: विश्व स्तरीय खेलों का केंद्र बनेगा बिहार, पंचायत स्तर पर खेल क्लबों का होगा गठन, नीतीश सरकार का बड़ा लक्ष्य
09-Dec-2025 07:38 AM
By First Bihar
Bihar cold wave : बिहार इन दिनों कड़ाके की सर्दी की गिरफ्त में है। शीतल हवाओं और कोहरे के लगातार बढ़ते प्रभाव ने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के समय चलने वाली ठंडी पछुआ हवा ने लोगों की दिनचर्या को जैसे थाम-सा दिया है। कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है, वहीं कोहरे की वजह से दृश्यता भी लगातार घट रही है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राज्य के अधिकतर हिस्सों में बीते कुछ दिनों से ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। तेज हवा और घने कोहरे के कारण सुबह बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि सड़कें देर तक सुनसान रहती हैं और लोग आवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। दुकानें भी सामान्य समय से देर से खुल रही हैं। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को होना स्वाभाविक है।
इसी बढ़ती शीतलहर के बीच बिहार राज्य के शिक्षा विभाग ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी सरकारी या निजी विद्यालय में पहली कक्षा सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगेगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है, ताकि बच्चों को कोहरे और ठंड में स्कूल जाने की मजबूरी से बचाया जा सके।
राजधानी पटना में भी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की ओर से सोमवार को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तापमान में गिरावट, पछुआ हवा की रफ्तार और शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव आवश्यक हो गया है। पटना के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को तुरंत नई समय-सारणी लागू करने के निर्देश भेज दिए गए हैं। यह व्यवस्था मंगलवार से ही प्रभावी कर दी गई है, जिससे किसी भी विद्यालय में 8 बजे से पहले शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं होगा।
मौसम विभाग की रिपोर्ट भी यही संकेत दे रही है कि आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम में राहत की उम्मीद नहीं है। विभाग के अनुसार सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने की पूरी संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम हो सकती है। कई जिलों में पारा सामान्य से दो से तीन डिग्री नीचे चल रहा है। पटना में शनिवार को अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच बनी हुई है, जिससे सुबह और शाम में ठंड का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
रविवार की सुबह भी कोहरा बने रहने का अनुमान है। गाड़ियों की रफ्तार पर इसका असर पड़ेगा और कई मार्गों पर सुबह यातायात धीमा रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि बिना किसी जरूरी काम के सुबह-सुबह घर से बाहर न निकलें। छोटे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजने की सलाह दी गई है।
सड़कों पर अलाव की व्यवस्था बढ़ाई गई है और कई जगह सामाजिक संस्थाओं द्वारा गर्म कपड़े बांटे जा रहे हैं। कई नगर निकायों ने रात के समय अलाव के लिए अतिरिक्त लकड़ी उपलब्ध कराई है। हालांकि, ऐसी कोशिशों के बाद भी लोगों को ठंड से केवल आंशिक राहत मिल पा रही है, क्योंकि पछुआ हवा लगातार स्थिति को और कठिन बना रही है।
इधर, स्कूलों में नई टाइमिंग लागू होने के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का कहना है कि सुबह का कोहरा इतना घना होता है कि बच्चों को साइकिल या बस से भेजना जोखिम भरा लगने लगा था। प्रशासन के इस फैसले से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उन्हें ठंड के कारण होने वाली बीमारियों से भी काफी हद तक बचाया जा सकेगा।
हालांकि, यह बदलाव अस्थायी है और शीतलहर का प्रभाव कम होते ही स्कूलों की टाइमिंग सामान्य कर दी जाएगी। लेकिन फिलहाल, पूरे बिहार में सर्दी की तीव्रता चिंता का विषय बनी हुई है। बढ़ती ठंड, कोहरा और पछुआ हवा का ये दौर अभी कुछ और दिनों तक जारी रहने के आसार हैं। ऐसे में आवश्यक सावधानियाँ बरतते हुए ही लोगों को अपनी दिनचर्या आगे बढ़ानी होगी।