दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
01-Dec-2025 09:44 AM
By First Bihar
Bihar road safety : बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने हाल ही में सड़क किनारे खड़े चारपहिया वाहनों के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। उनका कहना है कि सड़क किनारे वाहन खड़े करने की वजह से अक्सर गंभीर हादसे होते हैं, खासकर ठंड और घने कोहरे के मौसम में, जब दृश्यता कम हो जाती है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी वाहन चाहे वह ट्रक, ट्रैक्टर या बस हो यदि सड़क किनारे दो दिन या उससे अधिक समय तक खड़ा पाया गया, तो उसके चालक और वाहन मालिक दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने इसे लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे वाहनों की पहचान करें और नियमानुसार कार्रवाई करें। कार्रवाई में भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त सजा शामिल हो सकती है। इसके लिए मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से विशेष रूप से कुछ बिंदुओं पर विचार करने को कहा है, ताकि नियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सड़क किनारे लावारिस खड़े वाहन खासकर ठंड के मौसम में खतरे का बड़ा कारण बनते हैं। घना कोहरा, कम रोशनी और दृश्यता में कमी की वजह से तेज रफ्तार वाहन अक्सर इन खड़े वाहनों से टकरा जाते हैं। कई बार तो ऐसे हादसों में एक साथ कई वाहन आपस में टकरा जाते हैं, जिससे जान-माल की भारी हानि होती है। परिवहन विभाग अब इस स्थिति को रोकने के लिए विशेष रणनीति बना रहा है। इसमें सड़क किनारे खड़े वाहनों की नियमित निगरानी, तुरंत हटाने की कार्रवाई और जागरूकता अभियान शामिल हैं।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार जनता की सुरक्षा के प्रति गंभीर है और किसी की लापरवाही की वजह से कोई भी जीवन खतरे में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे वाहन खड़ा करने की अनदेखी नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस दिशा में सख्ती और तत्परता के साथ काम कर रहा है।
विशेषकर कोहरे और ठंड के मौसम में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सड़क किनारे लावारिस वाहन समय पर हटाए जाएं और नियमों का पालन कराया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में महत्वपूर्ण कमी लाई जा सकती है। इसके लिए परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा अभियान भी चला रहा है, जिसमें जनता को भी जागरूक किया जाएगा कि वाहन अनावश्यक रूप से सड़क किनारे न खड़े करें।
बिहार सरकार की इस पहल से न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी। मंत्री श्रवण कुमार ने सभी अधिकारियों से कहा है कि वे सख्ती के साथ नियम लागू करें, ताकि सड़क हादसों में कमी आए और आम जनता सुरक्षित रह सके। यह कदम खासकर उन इलाकों में ज्यादा प्रभावी होगा जहां घना कोहरा और ठंड के मौसम में सड़क दुर्घटनाएं आम होती हैं।
बहरहाल, बिहार परिवहन विभाग ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को लेकर कड़ा संदेश दे दिया है। दो दिन से अधिक समय तक सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई अनिवार्य होगी। इसमें जुर्माना, वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त सजा शामिल है। इसका उद्देश्य सड़कों को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है। सरकार की यह पहल जनता की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और लोगों को जिम्मेदार बनाने में सहायक साबित होगी।