ब्रेकिंग न्यूज़

Fake Currency Case : 'लादेन' हुआ अरेस्ट, जाली नोट गिरोह का खुलासा; खुफिया एजेंसियां कर रहीं पूछताछ Katihar police clash : वर्दी वाले से गुंडई ! शराब कारोबारी को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ महिला ने जमकर काटा बवाल, ग्रामीणों ने लगाया यह आरोप Nawada rape case : बिहार में यह कैसा सुशासन ? महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या, खेत से मिला शव; ग्रामीणों का सड़क जाम school bus accident Bihar : स्कूली बस-ट्रक टक्कर में दो शिक्षकों की मौत, 10 से अधिक बच्चे घायल Bihar Dam Tourism : बिहार में 8 बांध बनेंगे पर्यटन स्थल, नीतीश सरकार ने कर दिया एलान; जानिए क्या है पूरा प्लान Patna High Court : शराबबंदी कानून को लेकर पटना HC का बड़ा आदेश, अब इन लोगों की संपत्ति नहीं जब्त; पढ़िए क्या है निर्देश Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा बजट सत्र का आज 11वां दिन, आरक्षण और रामविलास पासवान मुद्दे पर आज भी हो सकता है घमासान Bihar Startup Scheme : बिहार के ग्रामीण युवाओं के लिए खुशखबरी, अब इस काम के लिए पटना जाने से मिलेगी राहत Bihar land : बिहार में जमीन रजिस्ट्री से पहले देने होगी यह जानकारी, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया नियम बिहार मैट्रिक परीक्षा 2026: 15.12 लाख छात्राएं और छात्र आज से देंगे वार्षिक परीक्षा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1 घंटे पहले सेंटर आना होगा

Bihar Startup Scheme : बिहार के ग्रामीण युवाओं के लिए खुशखबरी, अब इस काम के लिए पटना जाने से मिलेगी राहत

बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई योजना लागू करने जा रही है। अब युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए जिला स्तर पर ही सुविधाएं मिलेंगी और 10 लाख तक की सीड फंडिंग का लाभ मिलेगा।

Bihar Startup Scheme : बिहार के ग्रामीण युवाओं के लिए खुशखबरी, अब इस काम के लिए पटना जाने से मिलेगी राहत

17-Feb-2026 07:50 AM

By First Bihar

Bihar Startup Scheme : बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब स्टार्टअप शुरू करना आसान होने वाला है। राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने ग्रामीण युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक लोगों को जिला स्तर पर ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें पटना स्थित राज्य मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


उद्योग विभाग ने इस योजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है और इसे इसी वर्ष लागू करने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार का मानना है कि बिहार में उद्योगों के तेज विकास के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सरकार कई स्तरों पर योजनाएं तैयार कर रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिहार में स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिभाओं की कमी नहीं है।


सरकार ने हाल के दिनों में जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को स्थानीय उद्योगों में इंटर्नशिप देने का निर्णय लिया था। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देना और उन्हें अपने ही जिले में रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।


इसके अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उद्योग वार्ता के माध्यम से राज्य की स्टार्टअप कंपनियों से सीधे संवाद करने का निर्णय लिया है। इस वार्ता में स्टार्टअप शुरू करने में आने वाली चुनौतियों को समझने के साथ-साथ नए और अभिनव विचारों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस पहल से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी और उद्यमियों की संख्या में वृद्धि होगी।


राज्य सरकार जिलास्तर पर औद्योगिक प्रक्षेत्र विकसित करने और विभिन्न जिलों में उद्योग स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। साथ ही बिहार में 11 हजार नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में आने वाले समय में जिलों में स्टार्टअप की उपयोगिता और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार स्टार्टअप नीति को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाया जा रहा है।


नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग ने बिहार आइडिया फेस्टिवल का भी आयोजन किया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, छात्रों, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और किसानों से जमीनी स्तर पर 10 हजार से अधिक उद्यमशील विचारों की पहचान करना था। इस पहल के जरिए राज्य के उभरते उद्यमियों को बाजार से जोड़ने और उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया गया।


इस आयोजन के विजेताओं को बिहार स्टार्टअप नीति के तहत 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग देने की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।