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REVENUE DEPARMENT UPDATE: बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के बदले नियम: इतने से अधिक की रजिस्ट्री पर यह दास्तावेज अनिवार्य, जानिए क्या है नया अपडेट

बिहार में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री से जुड़ा एक अहम बदलाव लागू किया गया है। अब 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा।

REVENUE DEPARMENT UPDATE: बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के बदले नियम: इतने से अधिक की रजिस्ट्री पर यह दास्तावेज अनिवार्य, जानिए क्या है नया अपडेट

12-Feb-2026 11:44 AM

By First Bihar

REVENUE DEPARMENT UPDATE: बिहार में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री से जुड़ा एक अहम बदलाव लागू किया गया है। अब 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। यह नियम पूरे राज्य में प्रभावी है और जमीन, प्लॉट, मकान, फ्लैट या दुकान जैसे सभी अचल संपत्तियों पर लागू होगा।

पहले पैन कार्ड की अनिवार्यता अधिक राशि पर लागू थी, लेकिन अब सीमा घटाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों को भी इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा।


क्या है नया प्रावधान?

यदि कोई भी व्यक्ति 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदता या बेचता है, तो रजिस्ट्री के समय खरीदार और विक्रेता दोनों को अपना पैन कार्ड विवरण देना होगा। रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेज जमा करते समय पैन नंबर दर्ज किया जाएगा। बिना पैन कार्ड या वैकल्पिक दस्तावेज के इतनी बड़ी राशि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।


पैन कार्ड नहीं होने पर क्या विकल्प है?

जिन लोगों के पास पैन कार्ड उपलब्ध नहीं है, वे आयकर विभाग का फॉर्म-60 या फॉर्म-61 भर सकते हैं। इस फॉर्म के माध्यम से व्यक्ति यह घोषणा करता है कि उसके पास पैन कार्ड नहीं है, लेकिन उसका लेन-देन विधिवत दर्ज किया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए पैन कार्ड बनवा लेना बेहतर है, क्योंकि अधिकांश वित्तीय कार्यों में इसकी आवश्यकता होती है।


सरकार ने यह निर्णय क्यों लिया?

इस कदम का मुख्य उद्देश्य संपत्ति के बड़े लेन-देन में पारदर्शिता लाना है। कई मामलों में संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाई जाती थी या गलत जानकारी दी जाती थी। पैन कार्ड अनिवार्य होने से ऐसे लेन-देन का रिकॉर्ड आयकर विभाग के पास उपलब्ध रहेगा, जिससे टैक्स चोरी, बेनामी संपत्ति और फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।


आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस नियम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खरीदार, छोटे निवेशक और मध्यम वर्गीय परिवारों को अब रजिस्ट्री से पहले अपने दस्तावेज पूरी तरह तैयार रखने होंगे। यदि पैन कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में त्रुटि है, तो उसे पहले ठीक कराना जरूरी होगा।


नियम का पालन नहीं करने पर क्या होगा?

यदि 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पैन कार्ड या फॉर्म-60/61 जमा नहीं किया जाता है, तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोकी जा सकती है। साथ ही भविष्य में आयकर विभाग द्वारा जांच की संभावना भी बन सकती है। इसलिए नियमों का पालन करना जरूरी है।


रजिस्ट्री से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

रजिस्ट्री कराने से पहले पैन कार्ड की प्रति तैयार रखें। आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र भी साथ रखें। संपत्ति के कागजातों की अच्छी तरह जांच कर लें। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें। आवश्यकता हो तो कानूनी सलाह भी ले सकते हैं।