बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच पटना में पूर्वज स्मृति समारोह का आयोजन: समाज को सशक्त बनाने के लिए पूर्वजों के आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की बाइक और अवैध हथियारों के साथ 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? ‘धुरंधर 2’ फिल्म देखकर घर लौट रहे युवकों पर पुलिस का कहर, थाना प्रभारी पर दो भाईयों को रातभर पीटने का आरोप Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल बिना ऐप के चलेगा Amazon का नया स्मार्टफोन? Alexa के दम पर Apple-Samsung को देगा टक्कर, जानिए
16-Dec-2025 07:53 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने हालिया समीक्षा बैठक में घोषणा की है कि राज्य के सभी सार्वजनिक और कमर्शियल वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना शीघ्र अनिवार्य कर दिया जाएगा। वर्तमान में केवल 30-40 प्रतिशत वाहनों में ही यह डिवाइस लगा है, जबकि 30 एजेंसियां इस काम में जुटी हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
केंद्रीय नियमों के अनुसार, 1 जनवरी 2019 के बाद रजिस्टर्ड सभी सार्वजनिक वाहनों में VLTD और इमरजेंसी बटन लगाना पहले से अनिवार्य है। पुराने वाहनों के लिए परमिट नवीनीकरण, फिटनेस सर्टिफिकेट या बीमा के समय यह जरूरी है। राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों में भी यह सिस्टम अनिवार्य है। मंत्री ने चिंता जताई कि ट्रैकिंग की कमी से ओवरस्पीडिंग, रूट उल्लंघन और अचानक ब्रेकिंग जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंच रहा है।
VLTD मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। यह डिवाइस वाहन की लोकेशन, स्पीड और रूट की रियल-टाइम जानकारी परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम को भेजता है। इसमें इमरजेंसी या पैनिक बटन होता है, जिसे दबाने पर तुरंत अलर्ट जाता है और निकटतम पुलिस या सहायता टीम को सूचना मिलती है। आपात स्थिति में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है। बिहार में पहले से 54 हजार से अधिक वाहनों को इस सिस्टम से ट्रैक किया जा रहा है, जिससे ओवरस्पीडिंग के हजारों मामले पकड़े गए हैं।
यह कदम दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में मददगार साबित होगा। वाहन मालिकों को सलाह है कि वे जल्द से जल्द प्रमाणित एजेंसियों से VLTD लगवाएं, वरना परमिट या फिटनेस में दिक्कत हो सकती है। विभाग सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेगा, ताकि बिहार की सड़कें अधिक सुरक्षित बनें।