बिहार में पुलिस खोज रही थी शराब: मिलने लगी हथियार, 4 तस्कर गिरफ्तार Bihar RTPS certificate : बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नियम बदले, अब दस्तावेज की जानकारी देना अनिवार्य बिहार के इस मंदिर में सवा किलो चांदी की आभूषण चोरी: देवी-देवताओं के मुकुट, झांप और तीर-धनुष गायब क्या नीतीश कुमार बदलेंगे अपना फैसला: JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कही बड़ी बात, आज शाम बैठक में क्या होगा Patna crime news : पटना में गाली-गलौज के बाद युवक को मारी गोली, गंभीर हालत में रेफर; पुलिस जांच में जुटी YouTube पर 1 लाख व्यूज से कितनी होती है कमाई ? जानिए वीडियो से पैसे कमाने का पूरा गणित Bihar politics : 'हमारो अपन ऐलान है ...', नीतीश चले दिल्ली… क्या मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह देंगे इस्तीफा? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान Bihar Politics : बिहार में नई सियासी खिचड़ी ! सम्राट चौधरी ने की सीएम से 25 मिनट तक मुलाकात, तुरंत बाद विजय सिन्हा पहुंचे आवास; बिहार में नया सीएम कौन? बिहार के 4 लाख छात्रों को बड़ी राहत: ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सुधार की तिथि बढ़ी, अब इस तारीख तक करवा सकते है अपडेट Char Dham Yatra 2026: आज से शुरू हुआ पंजीकरण, जानिए कब खुलेंगे चारों धाम के कपाट और कैसे करें रजिस्ट्रेशन
05-Jul-2025 08:43 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब रिटायरमेंट के सिर्फ 30 दिनों के भीतर ही पेंशन से जुड़े सभी दस्तावेज मिल जाएंगे और मासिक पेंशन तुरंत शुरू हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से कर्मचारियों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने की योजना है, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
इस पहल को लागू करने के लिए बिहार सरकार और महालेखाकार कार्यालय मिलकर काम कर रहे हैं। एक एकीकृत सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए दोनों संस्थाएं कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को आसानी से सत्यापित कर सकेंगी। प्रधान उप महालेखाकार ओमकार ने बताया कि अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि पेंशन प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके। यह सिस्टम दस्तावेजों की जांच को तेज और सटीक बनाएगा।
पेंशन प्रक्रिया में देरी का सबसे बड़ा कारण कागजी दस्तावेजों का लंबा आदान-प्रदान रहा है। अब इसे पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी है। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिलेगी। इस डिजिटल सिस्टम से रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय सहायता मिल सकेगी, जिससे उनकी आर्थिक चिंताएं कम होंगी।