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16-Dec-2025 12:47 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में तेजी से बढ़ती आबादी और राशनकार्ड धारकों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार बड़ा फैसला लिया है। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग राज्यभर में 4942 नई सरकारी राशन दुकानों की डीलरशिप देने जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक राशनकार्ड धारक को तय मानकों के अनुसार आसानी से सस्ता अनाज उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही लोगों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
दरअसल, विभाग की ओर से पहले चरण में 2583 नई राशन दुकानों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसके लिए अब तक 13,794 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि स्वरोजगार के अवसर के रूप में राशन डीलरशिप को लेकर लोगों में जबरदस्त रुचि है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष 2359 दुकानों के लिए भी जल्द ही अलग से विज्ञापन जारी किए जाएंगे। सभी दुकानों के संचालन में आने के बाद राज्य की पीडीएस व्यवस्था को अधिक सुगम, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जा सकेगा।
क्यों पड़ी नई राशन दुकानों की जरूरत
सरकारी नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 1350 राशनकार्ड धारकों और ग्रामीण क्षेत्रों में 1900 राशनकार्ड धारकों पर एक राशन दुकान होनी चाहिए। लेकिन बिहार के कई जिलों में राशनकार्डों की संख्या इस निर्धारित अनुपात से काफी अधिक हो चुकी है। इसके कारण कई जगहों पर दुकानों पर भीड़, लंबी कतारें और लोगों को दूर-दराज तक जाना पड़ता है। नई दुकानों के खुलने से यह दबाव कम होगा और वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित हो सकेगी।
पटना में सबसे ज्यादा नई राशन दुकानें
बता दें कि राजधानी पटना में 435 नई राशन दुकानों की योजना बनाई गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में 356, भागलपुर में 336, पूर्णिया में 320, रोहतास में 245, पश्चिम चंपारण में 242, गया में 240, मधुबनी में 248, सीवान में 229, सीतामढ़ी में 196 और कटिहार में 191 नई दुकानों की स्वीकृति दी गई है। वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, किशनगंज सहित अन्य जिलों में भी पीडीएस नेटवर्क के विस्तार की तैयारी है।
कुछ जिलों में रिक्तियां पहले ही हुईं पूरी
पश्चिम चंपारण जिले में सभी 242 नई राशन दुकानों की रिक्तियां भर दी गई हैं और यहां पीडीएस लाइसेंस भी जारी किए जा चुके हैं। वहीं बांका, बेगूसराय, नालंदा, भोजपुर, अररिया और सारण जैसे जिलों में फिलहाल नई दुकानों की आवश्यकता नहीं पड़ी है, क्योंकि वहां राशनकार्ड और दुकानों का अनुपात संतुलित है।
राशनकार्डों की जांच होगी और तेज
इस बीच भारत सरकार से प्राप्त संदिग्ध राशनकार्डों की सूची के आधार पर राज्य में 17 दिसंबर से 30 दिसंबर तक विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कैंप मोड में राशनकार्डों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और आधार सीडिंग को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपात्र, फर्जी या संदिग्ध राशनकार्डों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। नई राशन दुकानों की स्थापना और कार्ड सत्यापन अभियान से बिहार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सरकार का यह कदम अहम माना जा रहा है।