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10-Sep-2025 09:05 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राज्य सरकार जनता को राहत देने और हर तबके तक आर्थिक मदद पहुंचाने की कोशिशों में लगी हुई है। खासकर युवा वर्ग और महिलाओं को लेकर सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में अब बिहार की छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि इंटरमीडिएट और स्नातक उत्तीर्ण करीब 10 लाख छात्राओं को प्रोत्साहन राशि का लाभ बहुत जल्द मिलेगा।
करीब आठ महीने से अटकी प्रक्रिया अब पटरी पर आ गई है। दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में छात्राओं के आधार कार्ड सत्यापन की अनुमति दे दी है। इसी वजह से अब बैंक खातों में राशि भेजने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इस माह के अंत तक आधार सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी और उसके तुरंत बाद लाभार्थी छात्राओं के बैंक खातों में पैसा पहुंचना शुरू हो जाएगा।
याद दिला दें कि साल की शुरुआत में UIDAI ने आधार जांच की अनुमति रोक दी थी। इसके चलते लाखों छात्राओं को प्रोत्साहन राशि मिलने में देरी हो गई थी। हालांकि, राज्य सरकार ने हार नहीं मानी और केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए। गजट प्रकाशित कराने से लेकर अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आखिरकार केंद्र से हरी झंडी मिल गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्नातक उत्तीर्ण कुल 5.65 लाख छात्राओं में से लगभग 4.50 लाख ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया है। वहीं, इंटरमीडिएट पास हुईं कुल 5.55 लाख छात्राओं में से करीब 4.43 लाख ने आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर निर्धारित की गई है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।सरकार की इस योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50,000 रुपये और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित छात्राओं को 25,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह राशि एकमुश्त दी जाएगी ताकि छात्राएं अपने उच्च शिक्षा या अन्य जरूरतों को पूरा कर सकें।
बिहार सरकार ने यह प्रोत्साहन योजना अप्रैल 2018 में शुरू की थी। शुरुआत में राशि थोड़ी कम रखी गई थी। उस समय स्नातक पास छात्राओं को 25,000 रुपये और इंटरमीडिएट पास छात्राओं को 10,000 रुपये दिए जाते थे। लेकिन एक अप्रैल 2021 से सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए राशि को बढ़ाकर दोगुना से भी ज्यादा कर दिया। आज की तारीख में यह योजना बिहार की लाखों बेटियों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता का बड़ा सहारा बन चुकी है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 3.75 लाख स्नातक छात्राओं को इसका लाभ मिल चुका है।
बिहार जैसे राज्य में जहां शिक्षा व्यवस्था और रोजगार की चुनौतियां हमेशा चर्चा में रहती हैं, वहां छात्राओं के लिए आर्थिक मदद किसी वरदान से कम नहीं है। कई बार आर्थिक तंगी की वजह से बेटियां अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में यह प्रोत्साहन राशि उन्हें न केवल पढ़ाई पूरी करने में मदद करती है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत कदम है। इसके साथ ही, सरकार की मंशा यह भी है कि युवतियों में उच्च शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़े और वे आगे चलकर समाज में अपनी भूमिका को मजबूती से निभा सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आने वाले समय में सियासी रूप से भी अहम साबित होगा। सरकार चाहती है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले-ही सभी पात्र लाभार्थियों तक राशि पहुंच जाए। इससे लाखों परिवारों में राहत पहुंचेगी और सीधे तौर पर सरकार की छवि भी मजबूत होगी। प्रोत्साहन राशि मिलने की खबर से छात्राओं में खुशी और उत्साह का माहौल है। कई छात्राओं का कहना है कि इस पैसे से उन्हें आगे की पढ़ाई जारी रखने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में बड़ी मदद मिलेगी। कुछ छात्राएं इस राशि से कौशल विकास से जुड़े कोर्स करने की भी योजना बना रही हैं।
इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। आधार सत्यापन की अड़चन दूर करने के बाद अब बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी होगी और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, शिक्षा विभाग ने भी जिलों को निर्देश दिया है कि आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कराई जाए और छात्राओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।
बहरहाल, बिहार सरकार की यह पहल न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की राह भी आसान करती है। आने वाले दिनों में जब लाखों छात्राओं के खातों में प्रोत्साहन राशि पहुंचेगी, तो यह कदम उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित होगा। विधानसभा चुनाव से पहले लिया गया यह फैसला राजनीतिक रूप से कितना असर डालेगा, यह तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह योजना बिहार की छात्राओं और उनके परिवारों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।
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